




बद्दी/शिमला:- भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) हिमाचल प्रदेश ने राज्य में बढ़ते आपराधिक ग्राफ और चरमराई कानून-व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

शिमला में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष सनी शुक्ला ने सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि देवभूमि में आज ‘जंगल राज’ का माहौल बन चुका है। इस अवसर पर भाजयुमो के प्रदेश मीडिया सह प्रभारी श्री निशांत ठाकुर भी उपस्थित रहे।



सरकाघाट की घटना पर आक्रोश और कड़ी सजा की मांग प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए श्री सनी शुक्ला ने मंडी जिले के सरकाघाट में 19 वर्षीय छात्रा की निर्मम हत्या की घटना को प्रदेश सरकार की बड़ी विफलता करार दिया।







उन्होंने कहा, “जिस राज्य में हमारी बेटियाँ दिन-दहाड़े सुरक्षित न हों, वहां की सरकार को शासन करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।” भाजयुमो ने मांग की कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चले और उन्हें ऐसी कड़ी सजा दी जाए जो समाज में नजीर बने।


औद्योगिक क्षेत्रों में ‘ड्रग माफिया’ का बोलबाला
प्रदेशाध्यक्ष ने ‘चिट्टा’ महामारी पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (BBN), मैहतपुर, संसारपुर टैरेस, काला अंब और पोंटा साहिब जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्र अब नशा माफिया के गढ़ बन चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नशा माफिया को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण बड़ी मछलियाँ हमेशा कानून की पकड़ से बाहर रहती हैं।


भ्रष्टाचार और भू-माफिया पर भी साधा निशाना
श्री सनी शुक्ला ने चेस्टर हिल जमीन घोटाले का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में भू-माफिया बेलगाम हो चुके हैं और सरकार भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने में व्यस्त है।
उन्होंने सरकार द्वारा चलाए जा रहे प्रशासनिक कैंपों को ‘कागजी औपचारिकता’ करार दिया और कहा कि आज आम नागरिक, व्यापारी और उद्योगपति भय के साए में जीने को मजबूर हैं। उन्होंने आगाह किया कि असुरक्षा के इस माहौल का सीधा नकारात्मक असर राज्य में होने वाले निवेश पर पड़ रहा है।

उग्र जन-आंदोलन की चेतावनी
भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष ने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी कि यदि कानून-व्यवस्था को अविलंब दुरुस्त नहीं किया गया, तो भाजयुमो चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने घोषणा की कि राज्य की स्थिति सुधारने के लिए आने वाले समय में युवा मोर्चा सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ उग्र जन-आंदोलन छेड़ेगा।

अंत में, सनी शुक्ला ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से अपील की कि वे राजनीतिक दबाव से ऊपर उठकर अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाएं और निष्पक्ष होकर कानून का राज स्थापित करें ताकि देवभूमि की खोई हुई गरिमा को बहाल किया जा सके।



