



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने ‘एक से श्रेष्ठ’ सामाजिक पहल के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कवींद्र गुप्ता का स्वागत किया।


इस दौरान सांसद ने ‘एक से श्रेष्ठ’ अभियान की पांच वर्षों की यात्रा और इसकी उपलब्धियों की जानकारी साझा करते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित करने और उनका मार्गदर्शन करने के लिए राज्यपाल का आभार व्यक्त किया।




राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक डॉ. अनिल धीमान, कमलेश कुमारी, उर्मिल ठाकुर, नरेंद्र ठाकुर और विजय अग्निहोत्री सहित जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर, जिला परिषद के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं पार्टी पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।







अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि ‘एक से श्रेष्ठ’ केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों के बच्चों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का एक व्यापक सामाजिक अभियान है।



उन्होंने कहा कि राज्यपाल कवींद्र गुप्ता द्वारा विद्यार्थियों के बीच समय बिताना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना बच्चों के लिए निश्चित रूप से प्रेरणादायक साबित होगा।



उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास और समावेशी सोच से प्रेरणा लेकर उन्होंने हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में बिना किसी सरकारी सहायता के ‘एक से श्रेष्ठ’ कार्यक्रम की शुरुआत की।


गुरुकुल पद्धति की भावना के अनुरूप इस पहल के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क शिक्षा और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।
अनुराग ठाकुर ने बताया कि ‘एक से श्रेष्ठ’ कार्यक्रम की शुरुआत 5 अक्टूबर 2021 को विश्व शिक्षक दिवस के अवसर पर की गई थी। इस पहल का उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के सामने मौजूद बेरोजगारी, पलायन और आर्थिक चुनौतियों के समाधान की दिशा में सार्थक प्रयास करना है।
उन्होंने कहा कि आज हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में ‘एक से श्रेष्ठ’ के तहत लगभग 650 केंद्र संचालित हो रहे हैं, जहां अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के 12,000 से अधिक बच्चों को निःशुल्क कोचिंग के साथ-साथ संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण की शिक्षा दी जा रही है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि बच्चों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए उन्हें कुपोषण से बचाने के लिए नियमित रूप से प्रोटीन शेक भी उपलब्ध कराए जाते हैं। साथ ही विद्यार्थियों को राष्ट्रभक्ति, खेलकूद और स्वच्छता जैसे अभियानों से जोड़कर उनमें सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित की जा रही है।

उन्होंने बताया कि इन केंद्रों में 98 प्रतिशत से अधिक महिला शिक्षिकाएं अपनी सेवाएं दे रही हैं, जिससे महिला सशक्तिकरण को भी मजबूती मिल रही है।
उन्होंने कहा कि इस सामाजिक पहल के अंतर्गत अब तक 950 से अधिक बच्चों को स्कूल बैग, पुस्तकें और स्टेशनरी उपलब्ध कराई जा चुकी है, जबकि 25 से अधिक शिक्षकों को लैपटॉप देकर शिक्षण कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया है।
प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि चुनाव के दौरान युवाओं को पांच लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा करने वाली सरकार रोजगार उपलब्ध कराने में विफल रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार के अवसर सृजित करने के बजाय प्रदेश में लॉटरी और जुए जैसी व्यवस्था के माध्यम से लाखों परिवारों को प्रभावित करने का रास्ता अपनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पहले ही 1,10,000 करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है और प्रदेश का कर्ज जीडीपी के लगभग 42 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।
ऐसे गंभीर आर्थिक हालात में सरकार को आम जनता को राहत देने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने चाहिए, न कि लॉटरी जैसे माध्यमों से लोगों की आर्थिक स्थिति को और कमजोर करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।





