गेयटी थिएटर में 7 से 9 अक्टूबर तक होगा ‘बाल रंगमंच महोत्सव’

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:-   अक्टूबर 2026 तक ऐतिहासिक गैटी थिएटर, शिमला में किया जा रहा है। महोत्सव के अंतर्गत अंतरविद्यालय हिंदी नाटक प्रतियोगिता आयोजित होगी, जिसमें विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी अपनी रंगमंचीय प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

गेयटी थिएटर में 7 से 9 अक्टूबर तक मंचित होगा ‘बूढ़ों का गाँव’

महोत्सव की विशेषता यह है कि इसमें 16 लेखक, 16 कहानियां, 16 नाटक और 16 इंस्टीट्यूट्स की सहभागिता रहेगी। विद्यार्थियों द्वारा हिंदी की कहानियों और नाटकों की रंगमंचीय प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

कीकली चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में ‘बाल रंगमंच महोत्सव’ का आयोजन 7 से 9 

महोत्सव में ईसीआई शैले डे स्कूल के बाल कलाकारों द्वारा हमीरपुर के प्रसिद्ध लेखक डॉ संदीप शर्मा की सामाजिक सरोकार से संबंधित कहानी पर नाटक ‘बूढ़ों का गाँव’ का मंचन किया जाएगा। नाटक का निर्देशन सुचेता मेहता और पंकज बिष्ट द्वारा किया जा रहा है, जबकि संजीव अरोड़ा क्रिएटिव डायरेक्टर की भूमिका निभा रहे हैं।

 

‘बूढ़ों का गाँव’ हिमाचल के सामाजिक जीवन, बदलते ग्रामीण परिवेश और बुजुर्गों से जुड़े संवेदनशील सरोकारों को सामने लाने वाली प्रस्तुति है। बाल कलाकारों द्वारा कहानी को रंगमंचीय रूप में प्रस्तुत करना इस आयोजन की विशेषता होगी।

कीकली चैरिटेबल ट्रस्ट की यह पहल बच्चों को रंगमंच से जोड़ने के साथ-साथ हिंदी साहित्य और नाट्य परंपरा के प्रति उनकी रुचि विकसित करने का अवसर प्रदान कर रही है। गेयटी थिएटर में होने वाले इस तीन दिवसीय आयोजन को लेकर विद्यार्थियों, अभिभावकों और रंगमंच प्रेमियों में उत्साह है।

आयोजकों के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों में हिंदी भाषा, साहित्य, रंगमंच और रचनात्मक अभिव्यक्ति के प्रति रुचि विकसित करना है। मंच के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाशीलता, संवाद-अभिव्यक्ति, अभिनय क्षमता और सामाजिक सरोकारों को प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

तीन दिवसीय यह महोत्सव युवा कलाकारों को एक साझा मंच प्रदान करने के साथ-साथ हिंदी नाट्य परंपरा को विद्यालय स्तर पर मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। गैटी थिएटर में होने वाले इस आयोजन को लेकर विद्यार्थियों, शिक्षकों और रंगमंच प्रेमियों में उत्साह है।

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