हिम अकादमी स्कूल के वार्षिकोत्सव में 330 होनहार विद्यार्थियों को पारितोषिक से नवाजा

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- हिम अकादमी पब्लिक स्कूल, विकास नगर में वार्षिकोत्सव का भव्य आयोजन हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ किया गया।

 

समारोह में विद्यार्थियों ने विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत का शानदार प्रदर्शन किया।

 

समारोह का मुख्य आकर्षण 330 होनहार विद्यार्थियों का सम्मान रहा, जिन्हें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए पारितोषिक प्रदान किए गए।

समारोह के मुख्य अतिथि सुनील शर्मा, राजनीतिक सलाहकार, माननीय मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश रहे। वे अपनी धर्मपत्नी अंजू शर्मा के साथ समारोह में उपस्थित हुए। विद्यालय प्रबंधन ने मुख्य अतिथि एवं उनके परिजनों का गर्मजोशी से स्वागत किया।

 

समारोह में विशिष्ट अतिथियों के रूप में संजीव शर्मा (निदेशक कैम्ब्रिज इंटरनेशनल स्कूल, पालमपुर) ;  चंदन भारद्वाज, (अध्यक्ष, एसएमसी समिति) ; तथा सुनीता शर्मा, (प्रधानाचार्या, शिशु मॉडल स्कूल) उपस्थित रहे।

 

उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह की शोभा बढ़ाई। इस अवसर पर विद्यालय के चेयरपर्सन आर.सी. लखनपाल, उपाध्यक्ष चंद्रप्रभा लखनपाल, निदेशक इंजीनियर पंकज लखनपाल, प्रधानाचार्या इंजीनियर नैना लखनपाल, अकादमिक प्रधानाचार्या डॉ. हिमांशु शर्मा, उपप्रधानाचार्य अश्विनी कुमार तथा प्रधानाध्यापिका कंचन लखनपाल सहित विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे

 

। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। अकादमिक अधिकारी  प्राकृत लखनपाल ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों एवं उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का अभिनंदन किया।

वार्षिक रिपोर्ट के माध्यम से विद्यालय की प्रमुख उपलब्धियों एवं गतिविधियों को प्रस्तुत किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत कक्षा पाँचवीं की छात्राओं द्वारा ‘विष्णु स्तुति’ की भावपूर्ण प्रस्तुति से हुई।

 

इसके पश्चात कक्षा आठवीं की छात्राओं ने ‘Unity in Diversity’ के अंतर्गत संयुक्त बिहू नृत्य प्रस्तुत कर भारत की सांस्कृतिक एकता एवं विविधता का संदेश दिया।

 

इसके साथ ही ‘कर्ण गाथा’ तथा “द्वापर युग” ने दर्शकों को खूब उत्साहित किया। कक्षा 8वीं-ए की छात्राओं ने गरबा की मनमोहक प्रस्तुति दी, जबकि लेह के विद्यार्थियों ने लेह नृत्य के माध्यम से अपनी क्षेत्रीय संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की।

 

कक्षा 12वीं की छात्राओं ने नाटी प्रस्तुत कर हिमाचली संस्कृति की छटा बिखेरी। वहीं कक्षा 11वीं की छात्राओं ने पंजाब के लोकनृत्य के माध्यम से पंजाब की जीवंत संस्कृति और उल्लास को मंच पर साकार किया।

 

अंतरराष्ट्रीय नृत्य प्रस्तुति में थाईलैंड के विद्यार्थियों ने अपनी संस्कृति की झलक प्रस्तुत कर समारोह में अंतरराष्ट्रीय रंग भर दिया। कक्षा 9वीं की छात्राओं ने हिमाचल प्रदेश के शक्तिपीठों पर आधारित नृत्य प्रस्तुति के माध्यम से प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

 

इसके अतिरिक्त हिमाचल की संस्कृति पर आधारित गैस्ट्रो-फिल्म ने भी दर्शकों को प्रदेश की समृद्ध लोक परंपराओं से परिचित कराया।

कार्यक्रम में भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जीवन एवं व्यक्तित्व पर आधारित विशेष स्किट भी प्रस्तुत की गई। विद्यार्थियों ने उनके जीवन-परिचय, संघर्ष, शिक्षा, वैज्ञानिक उपलब्धियों और राष्ट्र के प्रति योगदान को प्रभावशाली ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया।

 

इस प्रस्तुति ने विद्यार्थियों एवं दर्शकों को उनके प्रेरणादायी जीवन से सीख लेने का संदेश दिया। इसके साथ ही ‘प्लास्टिक जागरूकता’ तथा एस.डी.जी-13 ‘दादी 2050’ जैसी प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास का संदेश दिया।

 

योग, ऑर्केस्ट्रा एवं यूवी एक्ट जैसी प्रस्तुतियों ने भी समारोह में विशेष आकर्षण जोड़ा। समारोह का प्रमुख आकर्षण पुरस्कार वितरण समारोह रहा। शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेल एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 330 होनहार विद्यार्थियों को पारितोषिक प्रदान कर सम्मानित किया गया।

 

पुरस्कार वितरण में शैली ठाकुर, मैथिली एवं आनंदिता ने सहयोग प्रदान किया। अतिथियों एवं विद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।

 

कार्यक्रम का प्रभावशाली मंच संचालन अनन्या ठाकुर (कक्षा 11वीं), यशवीर सिंह (कक्षा 10वीं), शनाया (कक्षा 10वीं) एवं रुद्रांशी (कक्षा 10वीं) ने किया। शैली ठाकुर ने मंच संचालन एवं कार्यक्रम के सुचारु संचालन की जिम्मेदारी संभाली।

 

समारोह के सफल आयोजन में इवेंट कोऑर्डिनेटर  पूजा ठाकुर, इवेंट मैनेजर  सीमा ठाकुर तथा फंक्शन इंचार्ज पूजा शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 

उनके मार्गदर्शन में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अथक प्रयास किए। मुख्य अतिथि  सुनील शर्मा ने विद्यार्थियों की प्रतिभा एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना की तथा उन्हें शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, मेहनत और सामाजिक उत्तरदायित्व को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

 

समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। वार्षिकोत्सव ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सांस्कृतिक चेतना को एक शानदार मंच प्रदान किया। विविध प्रस्तुतियों और विद्यार्थियों की उपलब्धियों ने समारोह को यादगार बना दिया।

 

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