



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने शिक्षा महाकुंभ 2026 के छठे संस्करण के समापन समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। कार्यक्रम में समाजसेवी डॉ. इंद्रेश कुमार विशेष अतिथि तथा त्रिपुरा सरकार की आईएएस अधिकारी सोनल गोयल विशेष रूप से उपस्थित रहीं। सुरक्षित भारत, विकसित भारत थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कार, राष्ट्रीय सुरक्षा, तकनीक और युवाओं की भूमिका पर चर्चा हुई।

मतदाता सूची के पुनरीक्षण और ईवीएम पर कांग्रेस का रुख दुर्भाग्यपूर्ण; चुनाव में हार के बाद ईवीएम पर सवाल उठाना विपक्ष का दोहरा मापदंड




अनुराग सिंह ठाकुर ने शिक्षा महाकुंभ के सफल आयोजन के लिए विद्या भारती और आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा, संस्कार, संस्कृति और समृद्धि एक विकसित राष्ट्र के आधार हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा महाकुंभ का अगला संस्करण आईआईटी जम्मू में आयोजित किया जाएगा।







उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है और देश अब स्वदेशी रक्षा उपकरणों का निर्यात भी कर रहा है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवाओं को आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में आगे आना होगा। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, संस्कार और सामाजिक मूल्यों को सुदृढ़ करने पर भी बल दिया।




दिल्ली में चल रहे आंदोलन पर उन्होंने कहा कि धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना और सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रशासन को आवश्यक जानकारी देना अनिवार्य है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण और ईवीएम पर कांग्रेस के रुख को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में हार के बाद ईवीएम पर सवाल उठाना दोहरे मापदंड को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता सूची में नामों के विलोपन की प्रक्रिया में निर्धारित नियमों और आपत्तियां दर्ज कराने के अवसर का पालन किया जाना चाहिए।





भारत विरोधी गतिविधियों और विदेशी फंडिंग के मुद्दे पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाले प्रयासों के प्रति सतर्क रहना आवश्यक है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सुपर इमरजेंसी संबंधी बयान पर उन्होंने उनकी टिप्पणी को राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़ते हुए सवाल उठाए।


इस अवसर पर डॉ. इंद्रेश कुमार ने कहा कि स्वतंत्रता, सम्मान, शिक्षा, स्वाभिमान और संस्कार प्रत्येक व्यक्ति की मूलभूत आवश्यकताएं हैं। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण के लिए समाज के सभी वर्गों से एकजुट होकर कार्य करने तथा भारतीय संस्कृति, भाषाओं और राष्ट्रीय पहचान के प्रति गौरव की भावना मजबूत करने का आह्वान किया।





