सनातन सेवा में गायत्री परिवार का योगदान अजर-अमर: अनुराग सिंह ठाकुर

नई-दिल्ली/विवेकानंद वशिष्ठ:-  पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने दिल्ली में गायत्री परिवार की परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी एवं अखंड ज्योति के प्रज्ज्वलन के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता की।

स्वहित से पहले राष्ट्रहित को प्राथमिकता देना ही हमारे धर्म और संस्कारों की पहचान: अनुराग सिंह ठाकुर

इस अवसर पर उन्होंने पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ गायत्री परिवार के सदस्यों से संवाद किया।

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि गायत्री साधक, स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक और युगऋषि जैसी उपाधियों से सम्मानित पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य तथा माता भगवती देवी का जीवन त्याग, तपस्या, सेवा और लोकमंगल की भावना का अनुपम उदाहरण है।

 

लाखों परिवारों तक गायत्री मंत्र की महत्ता पहुंचाने से लेकर जाति-पाति और लिंगभेद जैसी सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन तथा हम बदलेंगे, युग बदलेगा और हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा जैसे प्रेरक विचारों के माध्यम से समाज को नई दिशा देने तक, सनातन संस्कृति की सेवा में गायत्री परिवार का योगदान अजर-अमर है।

 

उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक प्रगति केवल आर्थिक समृद्धि, आधुनिक तकनीक और संसाधनों से नहीं आंकी जा सकती। राष्ट्र की असली शक्ति नागरिकों के चरित्र, सामाजिक एकता, परिवारों की मजबूती और आपसी विश्वास में निहित होती है। हमारा धर्म और संस्कार हमें स्वहित से पहले राष्ट्रहित को प्राथमिकता देना सिखाते हैं। राष्ट्रहित सर्वोपरि होने पर ही विकास व्यापक और स्थायी बनता है।

 

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि भारतीय सभ्यता ने सदैव मानवता, सह-अस्तित्व और लोककल्याण का संदेश दिया है। वसुधैव कुटुम्बकम की भावना आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। विविधताओं से भरे भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकता, आपसी सम्मान और सांस्कृतिक चेतना है। इन मूल्यों को जीवन में आत्मसात करके ही ऐसा समाज बनाया जा सकता है, जहां विकास के साथ करुणा और समृद्धि के साथ सेवाभाव भी आगे बढ़े।

 

 

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