



हिमाचल/विवेकानंद वशिष्ठ :- प्रदेश कांग्रेस के मीडिया समन्वय संदीप सांख्यान जारी बयान में कहा लद्दाख से सोनम वांगचुक का अभियान का मुख्य संकल्प ही हिमालय को बचाना है और लद्दाख क्षेत्र में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की बहाली है।
संदीप सांख्यान ने कहा कि सोनम वांगचुक एक इंजीनियर, इनोवेटर और शिक्षा सुधारक है, इनके द्वारा स्थापित स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख ने विदेशी शिक्षा प्रणाली के खिलाफ आवाज़ उठाई थी जिसे लद्दाख पर थोपा गया।
हिमालय बचाओ अभियान ही सोनम वांगचुक का मुख्य संकल्प
उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक और इनके इसी संगठन ने अपने परिसर को डिजाइन भी किया जो पूरी तरह से सौर-ऊर्जा पर चलता है, और खाना पकाने, प्रकाश या तापन (हीटिंग) के लिए जीवाश्म ईंधन का उपयोग नहीं करता। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक को सरकारी स्कूल व्यवस्था में सुधार लाने के लिए सरकार, ग्रामीण समुदायों और नागरिक समाज के सहयोग से साल 1994 में “ऑपरेशन न्यू होप” शुरु करने का श्रेय भी प्राप्त है।
सोनम ने बर्फ-स्तूप तकनीक का आविष्कार किया है जो कि कृत्रिम हिमनदों (ग्लेशियरों) का निर्माण करता है, शंकु आकार के इन बर्फ के ढेरों को सर्दियों के पानी को संचय करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हिंदी सिनेमा की सुपरहिट फिल्म “थ्री इडियट्स” में अभिनेता आमिर खान का किरदार “फुंगसुक वांगडू” भी इन्हीं की जिंदगी से प्रेरित था। बीती सर्दियों में इन्होंने भूख हड़ताल भी लद्दाख में किया था।
इनका उद्देश्य लोगों को हिमालय के संरक्षण, वनों को बचाने और पहाड़ों में हो रहे अवैज्ञानिक खनन और अवैज्ञानिक कंस्ट्रक्शन के प्रति जागरूकता फैलाना है। इनकी पद यात्रा हिमाचल प्रदेश के लाहौल, मनाली, कुल्लू, मंडी, बिलासपुर और नालागढ़ से गुजरना सौभाग्य की बात है।
यदि इनकी मांगो को केंद्र सरकार नहीं मानती तो वह देश की राजधानी नई दिल्ली में जन्तर-मन्तर पर भी अनशन करेंगे। आज लाखों आम लोग इनके इस आंदोलन का समर्थन करके और राजनैतिक द्वेष की भावना से ऊपर उठ कर जो समर्थन इनको मिल रहा है वह एक नया इतिहास लिखेगा।
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