




शिमला/विवेकानंद वशिष्ठ :- हिमाचल प्रदेश में बीपीएल की सूची से पात्र व जरूरतमंद परिवार बाहर नहीं होंगे। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू गरीब परिवारों के साथ हैं, उन्होंने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग को मानदंडों को संशोधित करने के निर्देश दिए हैं।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह ने जनहित में मानदंड संशोधित करने के दिए निर्देश



विभाग के निदेशक की ओर से सचिव ग्रामीण विकास विभाग को संशोधन प्रस्ताव भेज दिया गया है, जिसकी अधिसूचना जल्द जारी हो जाएगी।





निदेशक ग्रामीण विकास व पंचायती राज के प्रस्ताव पर जल्द जारी होगी अधिसूचना


बीपीएल परिवारों के चयन में इन मानदंडों का विशेष ध्यान रखना होगा। 27 वर्ष की आयु तक के अनाथ बच्चों को सूची में शामिल किया जाएगा। महिला मुखिया वाला परिवार भी शामिल होगा, बशर्ते 25 से 59 साल के बीच का कोई और वयस्क सदस्य परिवार में न हो।




क्योंकि 25 वर्ष की आयु तक बच्चे शिक्षा ग्रहण करते रहते हैं, उसके बाद ही नौकरी पाते हैं। 40 फीसदी दिव्यांग व्यक्ति को भी इसमें शामिल किया जाएगा। गंभीर बीमारियों से ग्रसित जैसे डायलिसिस, हेपिटाइटिस बी, एचआईवी एड्स, दुर्घटना में रीढ़ की हड्डी टूटना, परिवार के मुख्यमंत्री के अलावा किसी अन्य सदस्य के भी गंभीर बीमारी से पीड़ित होने पर बीपीएल सूची में शामिल किए जा सकेंगे। केंद्र व प्रदेश सरकार की योजना के अंतर्गत किसी भी योजना में मिले दो कमरों तक के मकान वाले भी बीपीएल में अपात्र नहीं माने जाएंगे।
बिना आवेदन वाले पात्र परिवारों को भी संबंधित पंचायत सचिव अपने स्तर पर सूची में शामिल कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के ग्रामीण विकास व पंचायती राज विभाग को स्पष्ट निर्देश हैं कि कोई भी पात्र व्यक्ति सूची से बाहर नहीं होना चाहिए। पंचायत स्तर पर बीपीएल परिवारों के चयन में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।






