




शिमला/विवेकानंद वशिष्ठ :- हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के लाइफलॉन्ग लर्निंग विभाग (Department of Lifelong Learning) में एम.ए. ग्रामीण विकास (MA Rural Development) के थर्ड सेमेस्टर के छात्रों द्वारा फ्रेशर स्टूडेंट्स के स्वागत में एक रंगारंग कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नए छात्रों का हार्दिक स्वागत करना और विभागीय माहौल को उत्साहपूर्ण बनाना था।
अजय कुमार मिस्टर व निशा भालूनी के सर सजा मिस फ्रेशर का ताज़









कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विभागाध्यक्ष डॉ. यशवंत हारटा थे, जिनके मार्गदर्शन में यह आयोजन संपन्न हुआ। इसके अतिरिक्त विभाग के अन्य शिक्षकगण एवं पीएचडी शोधार्थी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।



कार्यक्रम का संचालन ग्रामीण विकास तृतीय सेमेस्टर की छात्राओं संगम ठाकुर एवं प्रकृति अग्निदर्शी ने कुशलता पूर्वक किया। कार्यक्रम में छात्रों द्वारा पहाड़ी नाटी, भांगड़ा गिद्दा और एकल सांग व आइटम डांस जैसी विविध एवं रंगीन प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिसने सभी उपस्थितजनों का मन मोह लिया। इसके साथ ही टैलेंट राउंड एवं रैपिड क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसके आधार पर ‘मिस्टर फ्रेशर’ और ‘मिस फ्रेशर’ का चुनाव किया गया।





मुख्य अतिथि डॉ. यशवंत हारटा ने अपने संबोधन में छात्रों को सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हुए जीवन में दृढ़ता, अनुशासन एवं सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने का मूल मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम विभागीय एकता और छात्र जीवन की सकारात्मक शुरुआत का प्रतीक रहा, जिसने सभी उपस्थितों को अत्यंत आनंदित किया।

गौरतलब हैं कि वर्तमान समय में एम.ए. ग्रामीण विकास कोर्स (MA Rural Development) की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। देश के ग्रामीण क्षेत्रों में सतत विकास और सामाजिक सुधार की आवश्यकता के कारण इस विषय में युवा छात्रों की रुचि तेजी से बढ़ रही है।

साथ ही, रोजगार के बेहतर अवसर और सामाजिक उद्यमिता के बढ़ते ट्रेंड ने इसे और अधिक प्रासंगिक बनाया है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में यह कोर्स न केवल अकादमिक बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान करता है, जो इसे समकालीन आवश्यकताओं के अनुकूल बनाता है। इस कोर्स की लोकप्रियता से यह स्पष्ट होता है कि ग्रामीण विकास के क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी और योगदान भविष्य में और अधिक मजबूत होगा।





