




हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- शिक्षा के क्षेत्र में नित नए प्रयोग कर रही सरकारी कन्या विद्यालय हमीरपुर की विज्ञान अध्यापिका विमला देवी ने हाल ही में भारती एयरटेल फाउंडेशन द्वारा आयोजित “चैंपियंस ऑफ चेंज” ऑनलाइन प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर अपनी प्रभावशाली शिक्षण पद्धति को सांझा किया और पूरे उत्तर भारत में टॉप 10 में 7वां रैंक हासिल किया।

अध्यापिका ने बताया कि विज्ञान विषय को बच्चों के लिए रुचिकर और सरल बनाने के लिए वे कक्षा में हैंड्स-ऑन गतिविधियां व प्रयोग कराती हैं। जीव विज्ञान और रसायन विज्ञान के विषय ऐसे होते हैं जिन्हें केवल प्रयोगों से समझाना संभव नहीं होता, ऐसे में उन्होंने तकनीक का सहारा लिया और विद्यार्थियों को 3 डी वीडियो, चित्रात्मक सामग्री व ऑनलाइन क्विज़ उपलब्ध करवाए।

इस प्रयास से बच्चों की उलझनें दूर हुईं और उनका जिज्ञासु मन संतुष्ट व आत्मविश्वासी विद्यार्थी में बदल गया। उनके नवाचारपूर्ण तरीकों का परिणाम विद्यार्थियों की उपलब्धियों में भी साफ दिखाई देता है। विद्यालय के कई छात्र-छात्राओं ने विज्ञान क्विज़ प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
कई बच्चों ने एनएमएमएस (NMMS) छात्रवृत्ति परीक्षा उत्तीर्ण की है, वहीं कुछ विद्यार्थियों ने पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा क्वालिफाई कर अब विभिन्न तकनीकी विषयों में डिप्लोमा कर रहे हैं।
अध्यापिका का मानना है कि शिक्षक की वास्तविक सफलता उसके विद्यार्थियों की सफलता से ही मापी जाती है। उनका मानना है कि पाठ्यपुस्तक पढ़ाना ही शिक्षक का काम नहीं है, बल्कि बच्चों में जिज्ञासा जगाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना ही असली उपलब्धि है।
उनकी यह पहल और उपलब्धियां न केवल विद्यालय के लिए गौरव का विषय हैं बल्कि शिक्षा जगत के लिए भी प्रेरणादायक मिसाल हैं।
अध्यापिका की इस उपलब्धि पर पर उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर कमल किशोर भारती , स्कूल प्रधानाचार्य पूनम चौहान व जिला विज्ञान पर्यवेक्षक राजेश गौतम ने बधाई दी।



















