ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

मंडी/विवेकानंद वशिष्ठ :-  हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (चरण–II) के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं के कौशल विकास तथा आजीविका संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खंड परियोजना प्रबंधन इकाई मंडी द्वारा वीरवार  को सिलाई की आधुनिक तकनीक और व्यावहारिक कौशल पर आधारित चार माह का प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया।

हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना के तहत मंडी में चार माह का सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें आय के स्थायी स्रोत उपलब्ध कराना है।

कार्यक्रम का शुभारंभ एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज के समय में कौशल विकास महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।

सिलाई कार्य को महिलाएं न केवल घरेलू जरूरतों के लिए उपयोग कर सकती हैं, बल्कि इसे एक सफल छोटे उद्योग के रूप में भी विकसित कर सकती हैं। उन्होंने प्रतिभागी महिलाओं को प्रशिक्षण में पूर्ण समर्पण और जागरूकता के साथ भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

 

इस अवसर पर जिला परियोजना प्रबंधन इकाई मंडी के डॉ. हेमराज शर्मा ने प्रशिक्षण से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण साढ़े चार माह तक चलेगा तथा प्रशिक्षण ले रही प्रत्येक प्रतिभागी महिला को तीन हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय प्रदान किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त प्रशिक्षण से जुड़ा समस्त व्यय हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना के माध्यम से वहन किया जा रहा है। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार की दिशा में सशक्त बनाने का प्रयास है।

खंड परियोजना प्रबंधक डॉ. राजेश ने बताया कि इस प्रशिक्षण में कसारला उठाऊ सिंचाई योजना, झाझर नाला से जरल रोपा बहाव सिंचाई योजना, सियां री कूहल, कंसा खड्ड से गनेहर  रोपा और गमोलती खड्ड से रथोल क्षेत्रों से चयनित 20 महिलाओं को शामिल किया गया है।

प्रशिक्षण एंजल आई संस्थान नेर चौक में संचालित किया जा रहा है, जो महिलाओं को आधुनिक सिलाई मशीनों का उपयोग, परिधान निर्माण, डिजाइनिंग, कढ़ाई तथा अन्य व्यावहारिक तकनीकों का प्रशिक्षण दे रही हैं।

प्रशिक्षण की अवधि के दौरान महिलाओं को न केवल तकनीकी ज्ञान दिया जाएगा, बल्कि उन्हें स्वयं का कार्य आरंभ करने, विपणन से जुड़ने तथा आय बढ़ाने के तरीकों की भी जानकारी प्रदान की जाएगी।

प्रतिभागी महिलाओं ने इस पहल के लिए परियोजना प्रबंधन इकाई का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह प्रशिक्षण उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने तथा जीवन स्तर सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

कार्यक्रम के दौरान एसएमएस डॉ. खूब राम, कृषि विकास अधिकारी हंस राज वालिया, कृषि विशेषज्ञ अमित कुमार भी उपस्थित रहे।