फागली में राज्यस्तरीय संस्कृत प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन

शिमला/विवेकानंद वशिष्ठ :-  हिमाचल प्रदेश संस्कृत अकादमी एवं राजकीय संस्कृत महाविद्यालय फागली के संयुक्त तत्वावधान में 10 एवं 11 दिसम्बर को दो दिवसीय राज्यस्तरीय महाविद्यालयीय संस्कृत प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया। प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों से आए प्रतिभागियों ने श्लोकोच्चारण, वैदिक मंत्रोच्चारण, संस्कृत भाषण, सद्य भाषण, सूत्रान्ताक्षरी, संस्कृत-गीतिका तथा लघु प्रश्नोत्तरी जैसी विविध प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारम्भ फागली क्लब सभागार में वैदिक मंगलाचारण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

 

दो दिवसीय कार्यक्रम में प्रदेशभर के प्रतिभागियों ने दिखाई उत्कृष्ट प्रतिभा; विभिन्न विधाओं के विजेताओं की घोषणा

उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा, निदेशक–उच्चतर शिक्षा विभाग (हि. प्र.), ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि संस्कृत केवल परंपरा की भाषा नहीं, बल्कि तर्क, व्याकरण और अभिव्यक्ति की अत्यंत वैज्ञानिक प्रणाली है, जिसे आधुनिक संदर्भों में समझना आवश्यक है।

 

उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों की भाषिक दक्षता और ज्ञान की वास्तविक परीक्षा प्रस्तुत करती हैं। उद्घाटन के उपरांत विद्यार्थियों द्वारा कालिदास कृत अभिज्ञानशाकुन्तलम् का नाट्य-प्रदर्शन प्रस्तुत किया गया, जिसे निर्णायकों और दर्शकों ने सराहा। पहले दिन की विभिन्न प्रतियोगिताएँ निर्धारित समयानुसार सम्पन्न हुईं, जबकि संध्याकाल में आयोजित “संस्कृत संध्या” कार्यक्रम ने आयोजन में सांस्कृतिक गरिमा जोड़ी।

 

दूसरे दिन प्रमुख प्रतियोगिताओं जैसे वैदिक मंत्रोच्चारण, सद्यभाषण, सूत्रान्ताक्षरी और लघु प्रश्नोत्तरी की स्पर्धाएँ आयोजित की गईं, जिनमें प्रतिभागियों ने भाषिक शुद्धता, त्वरित-विचार और प्रस्तुति क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। निर्णायक मंडल के अनुसार इस वर्ष प्रतिभागियों के स्तर में स्पष्ट सुधार देखा गया तथा कई प्रस्तुतियों में विषय की गहन समझ और आत्मविश्वास दिखाई दिया।

समापन सत्र के मुख्य अतिथि श्री एस. रंगनाथन तथा अध्यक्ष डॉ. लोकेन्द्र शर्मा ने सभी विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए और उनके उत्साहवर्धन के लिए प्रेरक उद्बोधन दिया। उन्होंने संस्कृत को अधिक व्यापक एवं समकालीन परिप्रेक्ष्य में अध्ययन करने की आवश्यकता पर बल दिया तथा आयोजन की प्रशंसा की।
प्रतियोगिताओं के विजेता इस प्रकार है श्लोकोच्चारण प्रतियोगिता:
प्रथम – सीमा (राज. संस्कृत. महा. सुंदरनगर) .संस्कृत भाषण प्रतियोगिता:प्रथम – सूर्यांश शर्मा (राज. सं. महा., तुंगेश). सद्य भाषण प्रतियोगिता: प्रथम – ऋषभ (राज. सं. महा., नाहन)
.सूत्रान्ताक्षरी प्रतियोगिता:प्रथम – नितिन / रीना (राज. सं. महा., नाहन)अक्षय भुवनेश्वरी (राज. सं. महा., क्यारटू).वैदिक मंत्रोच्चारण प्रतियोगिता: प्रथम – राघव शर्मा (श्री ज्वालाजी वेदविद्यालय, ज्वालामुखी).संस्कृत-गीतिका प्रतियोगिता: प्रथम – कृतज्ञ शर्मा (राज. सं. महा., सोलन).लघु प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता:
प्रथम – सक्षम मन्हास व अंकुश शर्मा (राजकीय संस्कृत महाविद्यालय, फागली)

कार्यक्रम संयोजक डॉ. मुकेश शर्मा ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य संस्कृत को पाठ्यपुस्तक के सीमित दायरे से निकालकर उसे सक्रिय, जीवंत और प्रतिस्पर्धात्मक मंच के रूप में प्रस्तुत करना है, जिसे यह आयोजन सफलतापूर्वक पूरा करता है। दो दिवसीय कार्यक्रम पूर्ण अनुशासित वातावरण में सम्पन्न हुआ और प्रतिभागियों व आयोजन मंडल द्वारा इसे अत्यंत सफल बताया गया।

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