




भोरंज/हमीरपुर:- पोषण अभियान के अंतर्गत बाल विकास परियोजना भोरंज में आयोजित तीन दिवसीय “पोषण भी पढ़ाई भी” प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ।








प्रशिक्षण के तीसरे दिन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दिव्यांग बच्चों की स्क्रीनिंग, समावेशन एवं रेफरल प्रक्रिया से संबंधित विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।




प्रशिक्षण के दौरान आंगनवाड़ी प्रोटोकॉल फॉर दिव्यांग चिल्ड्रन, समावेशन के अधिकार, स्क्रीनिंग शेड्यूल एवं इनक्लूजन रणनीतियों पर समूह चर्चा और केस स्टडी के माध्यम से जानकारी दी गई।


इसके साथ ही नवचेतना कार्यक्रम के अंतर्गत 0–3 वर्ष के बच्चों के लिए स्टिमुलेशन एक्टिविटी कैलेंडर, देखभाल एवं पालन-पोषण से संबंधित जागरूकता पर भी चर्चा की गई।
इसके अलावा आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के सीखने और विकास के आकलन, विभिन्न असेसमेंट टूल्स, चाइल्ड पोर्टफोलियो तथा मासिक ECCE दिवस की उपयोगिता पर भी विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।


प्रशिक्षण के अंतिम सत्र में विभिन्न राज्यों की श्रेष्ठ प्रथाओं (Best Practices) के बारे में भी प्रतिभागियों को अवगत कराया गया।
इस अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी भोरंज सुनील कुमार ने कहा कि प्रारंभिक अवस्था में पोषण और प्रारंभिक शिक्षा बच्चों के सर्वांगीण विकास की मजबूत नींव रखते हैं।
उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को आंगनवाड़ी केंद्रों में प्रभावी रूप से लागू कर बच्चों के पोषण एवं समग्र विकास को सुदृढ़ बनाया जाए।
कार्यक्रम में वृत्त पर्यवेक्षक रवि कुमार, सुनील नड्डा, आशा रानी, कुंता राणा, सरोजां ठाकुर, अंजना शर्मा, अभिषेक ठाकुर, कार्यालय से सुनीता धीमान, खंड समन्वयक अक्षय महाजन तथा लक्ष्मण राम उपस्थित रहे।
समापन अवसर पर प्रतिभागियों से पोस्ट टेस्ट क्विज़ एवं फीडबैक लिया गया तथा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।




