




शिमला:- “सुप्रीम कोर्ट का हालिया फैसला… एक बड़ा संदेश देता है।
सरकारी योजनाओं का लाभ—सिर्फ उन्हीं को मिलना चाहिए, जो वास्तव में उसके पात्र हैं। और सनातन धर्म को मानते हैं, जातिगत व्यवस्था सिर्फ हिन्दू धर्म में है।



प्राथना सभा करने वालों और हिंदू धर्म का विरोध करने वालों को जातिगत नीतियों का लाभ नहीं मिलेगा कोर्ट ने साफ कहा कि जो लोग ईसाई धर्म को मान रहे हैं हिंदू होकर और प्रार्थना सभाएं कर रहे हैं उन्हें लाभ नहीं दिया जाना चाहिए।







क्योंकि अन्य धर्म में जातिगत व्यवस्था नहीं है और जो लोग जातिगत नीति योजनाओं का लाभ ले रहे हैं और प्रार्थना सभा में अन्य धर्म की कर रहे हैं उन्हें भी इस व्यवस्था से बाहर किया जाना चाहिए वैसे एक हकीकत और भी है।




बौद्ध धर्म में भी जातिगत व्यवस्था नहीं है
राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी और देवभूमि क्षत्रिय संगठन इस फैसले का स्वागत करते हैं।
अब समय है—पारदर्शिता का, न्याय का और सही हक सही व्यक्ति तक पहुंचाने का।
सरकार को इस फैसले को सख्ती से लागू करना चाहिए।
— रूमित सिंह ठाकुर”






