




हमीरपुर:- पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने आज लोकसभा में दिवाला और दिवालियापन संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025 पर चर्चा के दौरान इसे मोदी सरकार द्वारा लाए गए सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक सुधारों में से एक बताया।
उन्होंने कहा कि यह विधेयक 2016 में लागू की गई दिवाला और दिवालियापन संहिता को और मजबूत करेगा, जो कॉर्पोरेट संकट के समाधान के लिए एक एकीकृत और समयबद्ध ढांचा प्रदान करती है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार के नेतृत्व में आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है, जिसमें प्रभावी आर्थिक नीतियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में देश की 140 करोड़ जनता ने विकास को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव किया है। 2016 में लागू IBC को उन्होंने रिफॉर्म एक्सप्रेस को गति देने वाला मजबूत इंजन बताया।
उन्होंने कहा कि जीएसटी, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, भौतिक ढांचे में बड़े निवेश और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार ने अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है, जिसमें IBC ने क्रेडिट अनुशासन, मूल्य अधिकतमकरण और निवेशक विश्वास बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने मोदी सरकार द्वारा बैंकिंग सिस्टम की सफाई, एनपीए में कमी और क्रेडिट अनुशासन लागू करने के प्रयासों को रेखांकित किया तथा कांग्रेस शासन के दौरान हुए लापरवाह ऋण वितरण, क्रोनीवाद और आर्थिक कुप्रबंधन की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि IBC और इसके संशोधन पुराने खराब कर्जों के समाधान के साथ वित्तीय क्षेत्र को सुदृढ़ बना रहे हैं, जबकि राहुल गांधी रचनात्मक सुझाव देने, संस्थाओं का सम्मान करने और राष्ट्रीय हित में सुधारों का समर्थन करने की जिम्मेदारियों पर खरे नहीं उतर रहे।
उन्होंने कहा कि जैसे IBC ने फोन-बैंकिंग एनपीए के दौर को समाप्त किया, वैसे ही जनता भी गैर-निष्पादित राजनीतिक तत्वों को धीरे-धीरे खारिज कर रही है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि UPA सरकार के दौरान दिए गए Bad Loans में से अब तक ₹10 लाख करोड़ से अधिक की रिकवरी की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय में ऋण वसूली और दिवालियापन की प्रक्रिया प्रभावी नहीं थी और यदि कोई प्रक्रिया शुरू भी होती थी तो वह लंबी, धीमी और अधूरी रह जाती थी।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने UPA काल की आर्थिक समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए हैं और NPA जैसी समस्या के समाधान में IBC प्रभावी दवा साबित हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि इस दवा को और प्रभावी बनाने के लिए इसे और मजबूत करना आवश्यक है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री स्वर्गीय अरुण जेटली ने बिखरे और डिफॉल्टर-परस्त पुराने ढांचे की जगह एक एकल, लेनदार-केंद्रित और समयबद्ध कानून लागू कर व्यवस्था में व्यापक बदलाव किया। उन्होंने कहा कि इस परिवर्तन ने उधारकर्ताओं के व्यवहार को बदला है और देश की वित्तीय व्यवस्था में विश्वास बहाल किया है।
उन्होंने वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में IBC को गति मिली है।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी सरकार ने IBC की प्रक्रिया को जारी रखा, व्यवसायों की सुरक्षा सुनिश्चित की, एमएसएमई के लिए प्री-पैकेज्ड दिवाला प्रक्रिया शुरू की, एनसीएलटी और आईबीबीआई की क्षमता बढ़ाई तथा व्यापक परामर्श के बाद वर्तमान संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया।न



















