




हमीरपुर:- भारतीय जनता पार्टी के नेता इन्द्रदत्त लखनपाल ने केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल एवं डीज़ल पर उत्पाद शुल्क में की गई बड़ी कटौती को ऐतिहासिक, साहसिक एवं जनहितकारी निर्णय बताते हुए कहा कि महंगाई के इस दौर में यह कदम देशवासियों को बड़ी राहत प्रदान करने वाला है।



उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा संसाधनों की अस्थिरता के बीच केंद्र सरकार ने आम जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क को 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये कर दिया है तथा डीज़ल पर उत्पाद शुल्क को पूर्णतः समाप्त कर दिया है। इससे आम नागरिकों, किसानों, परिवहन क्षेत्र तथा छोटे व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा।







इन्द्रदत्त लखनपाल ने कहा कि ऐसे समय में जब विश्व के अनेक देश महंगाई की गंभीर चुनौती से जूझ रहे हैं, भारत सरकार ने संवेदनशीलता और दूरदर्शिता का परिचय देते हुए आमजन को राहत देने का कार्य किया है।




इसके साथ ही सरकार द्वारा निर्यात शुल्क लागू कर घरेलू बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का कदम भी सराहनीय है, जिससे आपूर्ति संतुलन बना रहेगा और महंगाई पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार ऐसे निर्णय ले रही है, जो सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र को साकार करते हैं। यह स्पष्ट करता है कि सरकार केवल नीतिगत स्तर पर ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी आम जनता को राहत पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

इन्द्रदत्त लखनपाल ने हिमाचल प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जहां एक ओर केंद्र सरकार जनता को राहत देने के लिए ठोस कदम उठा रही है।
वहीं दूसरी ओर राज्य में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में पेट्रोल और डीज़ल पर सेस लगाने का प्रयास कर आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। यह निर्णय विशेष रूप से मध्यम वर्ग और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों का अंतर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है—एक ओर जनहित को प्राथमिकता देने वाला नेतृत्व है, तो दूसरी ओर जनता पर अतिरिक्त भार डालने वाले निर्णय लिए जा रहे हैं।
अंत में इन्द्रदत्त लखनपाल ने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय न केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह देश के करोड़ों नागरिकों के जीवन को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा। इससे महंगाई पर अंकुश लगेगा, आम जनता को राहत मिलेगी और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्राप्त होगी।




