




हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- मोदी सरकार द्वारा नए लेबर कोड को लागू करने के विरोध में हमीरपुर में मजदूरों का गुस्सा फ़ूट पड़ा और इसके विरोध में काला दिवस मनाया और जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन करने के बाद जिलाधीश के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा l

उल्लेखनीय है देश भर के मजदूर संगठन मोदी सरकार द्वारा बनाये गये नए लेबर कोड का विरोध कर रहे हैं और इन्हें निरस्त करने की मांग कर रहे हैं l मजदूर संगठनों का कहना है कि ये लेबर कोड मालिकों को फायदा देने और मजदूरों को गुलाम बनाने के मकसद से बनाये गए हैं l

नए लेबर कोड में मालिकों द्वारा श्रम कानूनों को लागू ना करने की स्थिति में किसी भी तरह की दंडात्मक कारवाई करने का कोई प्रावधान नहीं रखा गया है, ठेकेदारों को पचास से कम मजदूरों के लिए किसी भी तरह के लाइसेन्स की जरूरत नहीं होगी और ऐसी स्थिति में श्रम कानून भी लागू नहीं होंगे और देश की 75% श्रम शक्ति इन कानूनों की सुरक्षा से ही बाहर हो जाएगी l
मजदूरों के यूनियन बनाने के अधिकार को कमजोर किया गया है आंदोलन करने पर दंडात्मक कारवाई का प्रावधान किया गया है l जिससे मजदूरों की मालिकों से संघर्षों से अधिकार हासिल करने की क्षमता भी प्रभावित होगी l
EPF में मालिकों का हिस्सा 12% से कम करके 10% कर दिया साथ ही esi में भी मालिकों के हिस्से को कम कर दिया गया है l मोदी सरकार द्वारा ग्रामीण भारत की जीवन रेखा कहे जाने वाले मनरेगा को भी खत्म कर दिया है और उसके स्थान पर जी राम जी को लाया गया है परंतु ये कानून मजदूरों को काम के अधिकार से वंचित करता है जिसका देश भर में विरोध हो रहा है l
आज मजदूर जिला मुख्यालय के पास जमा हुए और नए लेबर कोड निरस्त करने और मनरेगा को बहाल करने की मांग को लेकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया l
आज के इस प्रदर्शन को सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉ कश्मीर, जिला अध्यक्ष संतोष कुमार, जिला सचिव जोगिंदर कुमार,रंजन शर्मा, प्रताप राणा ने संबोधित किया और मजदूरों से लंबी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया l



















