कांग्रेस सरकार की नाकामी उजागर – इन्द्रदत्त लखनपाल

 हमीरपुर/बड़सर:-  बड़सर विधानसभा क्षेत्र के विधायक इन्द्रदत्त लखनपाल ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि ठेकेदारों को समय पर भुगतान न मिलना सरकार की प्रशासनिक अक्षमता, वित्तीय कुप्रबंधन और वादाखिलाफी का स्पष्ट उदाहरण बन चुका है।
31 मार्च की डेडलाइन फेल, ठेकेदारों को शून्य भुगतान: इन्द्रदत्त लखनपाल का तीखा हमला
उन्होंने कहा कि 31 मार्च, जो वित्तीय वर्ष का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है, उस दिन भी प्रदेश के सैकड़ों ठेकेदार बैंक और ट्रेज़री के चक्कर काटते रहे, लेकिन उन्हें उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों के बदले एक भी रुपये का भुगतान नहीं मिल सका।
लखनपाल ने कहा कि सरकार के इस रवैये ने प्रदेशभर के ठेकेदारों को गंभीर आर्थिक संकट के मुहाने पर ला खड़ा किया है।
ठेकेदारों ने अपनी पूंजी, मशीनरी, संसाधनों और श्रमिकों के माध्यम से समय पर विकास कार्यों को पूरा किया, लेकिन सरकार की ढीली कार्यप्रणाली के कारण उन्हें अपनी मेहनत की कमाई के लिए भटकना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि कई ठेकेदार कर्ज लेकर कार्य करते हैं और समय पर भुगतान न मिलने से वे आर्थिक रूप से कमजोर होते जा रहे हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा में किए गए उन दावों पर भी सवाल उठाए, जिनमें कहा गया था कि 31 मार्च से पहले सभी ठेकेदारों के बकाया भुगतान कर दिए जाएंगे। लखनपाल ने कहा कि वास्तविकता इसके विपरीत है और सरकार अपने ही वादों पर खरी नहीं उतरी।
 इससे स्पष्ट होता है कि सरकार घोषणाओं तक सीमित है और जमीनी स्तर पर कार्य करने में विफल साबित हो रही है।
लखनपाल ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाते हुए कुछ चहेते लोगों को प्राथमिकता के आधार पर लाखों रुपये की भुगतान राशि जारी की जा रही है, जबकि अधिकांश ठेकेदारों की अनदेखी की जा रही है।
 उन्होंने कहा कि यह स्थिति न केवल भ्रष्टाचार की ओर संकेत करती है, बल्कि शासन व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।
उन्होंने कहा कि यदि समय पर भुगतान नहीं किया गया तो ठेकेदारों का सरकार पर से विश्वास उठ जाएगा, जिसका सीधा असर प्रदेश के विकास कार्यों पर पड़ेगा।
भविष्य में ठेकेदार सरकारी कार्य लेने से हिचक सकते हैं, जिससे विकास कार्यों की गति प्रभावित होगी और आम जनता को भी इसका नुकसान उठाना पड़ेगा।
लखनपाल ने प्रदेश सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही ठेकेदारों के लंबित भुगतानों को जारी नहीं किया गया, तो भाजपा इस मुद्दे को प्रदेशभर में उठाएगी और सड़कों से लेकर सदन तक सरकार को घेरने का कार्य करेगी।
अंत में उन्होंने मांग की कि सभी ठेकेदारों के लंबित भुगतानों को तुरंत प्रभाव से जारी किया जाए, भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और जवाबदेह बनाया जाए तथा भविष्य में इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए ठोस एवं प्रभावी नीति तैयार की जाए, ताकि प्रदेश में विकास कार्य निर्बाध रूप से चलते रहें और ठेकेदारों को उनका अधिकार समय पर मिल सके।
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