




चंडीगढ/ विवेकानंद वशिष्ठ:- पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने TiE चंडीगढ़ द्वारा आयोजित TiECon चंडीगढ़ 2026 में बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत के स्टार्टअप फाउंडर्स, उद्यमियों और युवा व्यापार नेताओं से मोदी सरकार के पिछले एक दशक के परिवर्तनकारी कानूनों और नीतिगत सुधारों द्वारा सृजित अभूतपूर्व अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।








एमएसएमई व स्टार्टअप भारत की ग्रोथ का इंजन: अनुराग सिंह ठाकुर





अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि भारत अब उभरती हुई क्षमता वाले राष्ट्र से आगे बढ़कर पूर्ण क्षमता प्राप्त राष्ट्र बन चुका है और अब वैश्विक नेतृत्व हासिल करने का समय आ गया है। आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जिसका जीडीपी 4.18 ट्रिलियन डॉलर है। देश में 2.12 लाख से अधिक DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप और 120 से अधिक यूनिकॉर्न हैं, जो इसे विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बनाता है।



उन्होंने 2013 के आर्थिक संकट की तुलना करते हुए कहा कि उस समय Economist ने भारत को 1991 के बाद की सबसे बुरी आर्थिक स्थिति में बताया था। उन्होंने कहा कि भारत अब उभरने की अवस्था से आगे बढ़ चुका है और अब समय ऊंचाइयों को छूने तथा राष्ट्रीय चैंपियंस से वैश्विक लीडर्स बनने का है।

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में से अब 50 प्रतिशत से अधिक टियर-II और टियर-III शहरों से आ रहे हैं, जो उद्यमिता के गहरे लोकतंत्रीकरण को दर्शाता है। इनमें से 1.02 लाख से अधिक स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला निदेशक या पार्टनर है, जो भारत की नवाचार अर्थव्यवस्था की बढ़ती समावेशी प्रकृति को रेखांकित करता है।


सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने Q3 FY 2025 में 18 प्रतिशत लाभ वृद्धि दर्ज की है। कुल निर्यात जनवरी 2026 में 13.17 प्रतिशत बढ़कर 80.45 बिलियन डॉलर पहुंच गया है और रक्षा निर्यात FY 2025-26 में रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 62.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
उन्होंने भारत के MSME क्षेत्र की परिवर्तनकारी वृद्धि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज देश में 6.63 करोड़ से अधिक पंजीकृत MSME हैं, जो लगभग 26.77 करोड़ लोगों को रोजगार देते हैं, जीडीपी में करीब 30 प्रतिशत योगदान और कुल निर्यात में लगभग 45 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं।
सरकार ने MSME उद्यमियों को 30 लाख करोड़ रुपये से अधिक ऋण दिए हैं, जो पिछले सरकार के 12 लाख करोड़ रुपये से दोगुना है। ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया को तेज करते हुए अब यह महीनों के बजाय मात्र 55 मिनट में संभव हो रही है।
केंद्रीय बजट में 10,000 करोड़ रुपये का MSE ग्रोथ फंड और 2,000 करोड़ रुपये का सेल्फ-रिलायंट इंडिया फंड भी शुरू किया गया है। ग्रामीण भारत को उद्यमिता का अगला मोर्चा बताते हुए उन्होंने कहा कि 1.2 करोड़ से अधिक स्वयं सहायता समूहों और उनसे जुड़ी 10 करोड़ से अधिक महिलाओं की ताकत महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण उद्यमिता को नया आयाम देगी।
उन्होंने बताया कि 3 करोड़ से अधिक लखपति दीदियां बन चुकी हैं और 2029 तक इसका लक्ष्य 6 करोड़ रखा गया है। उन्होंने कहा कि जब भारत आत्मनिर्भरता की कहानी लिखेगा, तो MSME उसका कवर पेज और प्रथम अध्याय होंगे।




