




शिमला/विवेकानंद वशिष्ठ :- सिया गुलेरिया, जो सरकाघाट के नैण गांव की निवासी एवं BBA प्रथम वर्ष की छात्रा थीं, अपनी परीक्षा देने के लिए जा रही थीं। इसी दौरान रास्ते में दो बाइक सवार हमलावरों द्वारा उन पर हमला कर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई।



यह वाकिया बेहद दर्दनाक है और प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की सूरत-ए-हाल को साफ दिखाती है। SFI HPU कमेटी इस जघन्य अपराध की कड़े शब्दों में निंदा करती है और हिमाचल प्रदेश सरकार से मांग करती है कि इस वाक़िए में शामिल तमाम अपराधियों को फौरन गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित की जाए।







यह भी सामने आया है कि हत्यारा शराब और हेरोइन के नशे में था, जो प्रदेश में बढ़ती नशे की समस्या की गंभीरता को दर्शाता है।


SFI का स्पष्ट मानना है कि हिमाचल प्रदेश में नशे का फैलता जाल सिर्फ कानून-व्यवस्था का मसला नहीं है, बल्कि एक गहरी सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक समस्या है। बेरोज़गारी, नौजवानों में बढ़ती मायूसी और नशे के धंधे पर ढीला रवैया, इन सब ने मिलकर इस मसले को और संगीन बना दिया है।


नशा माफिया खुलेआम नौजवानों के भविष्य को तबाह कर रहा है। SFI लंबे अरसे से मांग करती आई है कि प्रदेश में नशा माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, नौजवानों के लिए रोज़गार और तालीम के मौके बढ़ाए जाएं, और नशे के खिलाफ बड़े पैमाने पर जन जागरूकता मुहिम चलाई जाए।
हम सिया गुलेरिया के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और इस दुख की घड़ी में उनके साथ एकजुटता प्रकट करते हैं। SFI इस मामले में इंसाफ की लड़ाई को अंजाम तक पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध है।






