छात्र-युवा विरोधी नीतियों व बढ़ती आपराधिक घटनाओं के खिलाफ अभाविप का विरोध प्रदर्शन

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- प्रदेश के छात्र-युवा वर्ग के साथ लगातार हो रहे अन्याय और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) हमीरपुर ने आज जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

 

धरना प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थी परिषद की विभाग छात्रा प्रमुख नेहा ठाकुर का कहनाहै कि परिषद ने प्रदेश सरकार और Himachal Pradesh University प्रशासन द्वारा लिए गए हालिया निर्णयों को छात्र एवं युवा विरोधी बताते हुए कड़ी निंदा की।

 

अभाविप ने सरकाघाट, जिला मंडी में कॉलेज छात्रा पर हुए निर्मम हमले और उसके बाद हुई उसकी मृत्यु की घटना को अत्यंत दर्दनाक और शर्मनाक बताया। परिषद ने कहा कि यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक चेतावनी है कि कानून-व्यवस्था किस हद तक कमजोर हो चुकी है।

 

अभाविप ने दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

 

 

 

इसके साथ ही Himachal Pradesh University द्वारा 14 पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा फीस में 40% से 60% तक की वृद्धि का भी अभाविप ने तीव्र विरोध किया। परिषद के अनुसार, यह निर्णय गरीब एवं मध्यम वर्ग के छात्रों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने वाला है और शिक्षा के अधिकार पर सीधा प्रहार है।

 

 

 

अभाविप ने प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई PGT कॉन्ट्रैक्ट नीति को भी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। परिषद ने कहा कि 5 वर्षों की अस्थायी नियुक्ति, ₹30,000 का सीमित वेतन, तथा पेंशन व अन्य सुविधाओं का अभाव इस नीति को पूरी तरह अस्वीकार्य बनाता है। यह न केवल युवाओं के साथ अन्याय है, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता को भी प्रभावित करता है।

 

 

 

इसके अतिरिक्त परिषद ने Himachal Pradesh Technical University, हमीरपुर में कुलपति, एकेडमिक डीन एवं स्थायी प्राध्यापकों की शीघ्र नियुक्ति की मांग की, ताकि विश्वविद्यालय की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।

 

 

 

अभाविप ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने सत्ता में आने से पहले 5 लाख रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन वर्तमान में युवाओं को स्थायी रोजगार देने के बजाय अस्थायी नौकरियों में धकेला जा रहा है।

 

 

मुख्य मांगें:- सरकाघाट घटना के दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए

 

एचपीयू में बढ़ाई गई फीस को तुरंत वापस लिया जाए

PGT कॉन्ट्रैक्ट नीति को रद्द कर स्थायी रोजगार सुनिश्चित किया जाए

 

प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए

विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए

छात्रों को बेहतर शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं

 

अभाविप ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र उचित कदम नहीं उठाए, तो संगठन पूरे प्रदेश में आंदोलन को और तेज करेगा।

 

 

 

 

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