




हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- हमीरपुर में मानवता और सेवा भाव की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। रामचंद्र (ग्लोड) को हृदय संबंधी ऑपरेशन के लिए गौतम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें दुर्लभ ग्रुप एबी नेगेटिव रक्त की सख्त जरूरत थी।

रक्त की व्यवस्था के लिए हमीरपुर ब्लड डोनर ग्रुप के संचालक अक्षय ठाकुर ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉ. सुरेंद्र सिंह डोगरा को सूचित किया। उस समय डॉ. डोगरा अपनी ड्यूटी पूरी कर अपने पैतृक गांव जा रहे थे, लेकिन जैसे ही उन्हें जरूरतमंद मरीज के बारे में जानकारी मिली, उन्होंने बिना देर किए इंसानियत को प्राथमिकता दी।




डॉ. डोगरा करीब 35 किलोमीटर का सफर तय कर वापस हमीरपुर लौटे और राधा कृष्ण मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में जाकर रक्तदान किया। खास बात यह है कि यह उनका 60वां रक्तदान था, जो उनके सेवा भाव और समर्पण को और भी विशेष बनाता है।






उनके इस सराहनीय कदम से मरीज रामचंद्र के इलाज की राह आसान हो सकी। स्थानीय लोगों और अस्पताल प्रशासन ने डॉ. डोगरा के इस जज्बे की जमकर सराहना की है।




यह घटना न सिर्फ एक डॉक्टर के कर्तव्य से बढ़कर उनके मानवीय पहलू को दर्शाती है, बल्कि समाज को भी जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने का संदेश देती है।


नर सेवा नारायण सेवा।
निशब्द हूं डॉक्टर सुरेंद्र डोगरा के समर्पण एवं निस्वार्थ सेवा भाव को।

हमीरपुर से 35 k.m door जंगल बेरी में अपनी ड्यूटी निभाते हुए , रात को पेटेंट चेक करके वापस लौट रहे थे ।

मेरे एक फोन कॉल करने पर डॉक्टर साहब ने ना रात देखी ना दूरी देखी ।
इमरजेंसी में हमीरपुर अस्पताल में मेजर हार्ट अटैक पेशेंट को दुर्लभ रक्त Ab-ve रक्त को ज़रूरत पड़ी ।
हमीरपुर मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के प्रेसिडेंट डॉक्टर सुरेंद्र डोगरा जी* ने अपना कर्तव्य निभाते हुए रात्रि में रक्तदान करने के लिए पहुंचे ।
भोलेनाथ डॉक्टर साहब को हमेशा स्वस्थ



