दिव्य आदर्श स्कूल में बच्चों ने हवन में आहूतियां डालकर लिया संकल्प।

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ  :-   दिव्य आदर्श विद्या पब्लिक सीनियर सैकेंडरी स्कूल भोटा में प्रवेशोत्सव मनाया गया। इस दौरान हवन यज्ञ के साथ नए सत्र की शुरुआत हुई।
दिव्य आदर्श विद्या पब्लिक सीनियर सैकेंडरी स्कूल भोटा में प्रवेशोत्सव मनाया गया। नए सत्र की शुरुआत हवन यज्ञ से हुई। परीक्षा में पास होकर आगामी कक्षा में प्रवेश पाने वाले और नए आए बच्चों ने हवन में आहूतियां डालकर आगामी लक्ष्य को हासिल करने का संकल्प लिया। स्कूल स्टाफ ने तिलक लगाकर बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की।
संकल्प के साथ आगे बढ़े बच्चे 
स्कूल की सीएमडी कंचन भारद्वाज ने कहा कि एक विद्यार्थी का स्कूल में प्रवेश और पिछली परीक्षा में पास होकर जीवन के लक्ष्य की ओर एक कदम और बढ़ाना सबसे अहम पल होता है। इस पल को भगवान को समर्पित करना हमारे अंदर एक ऊर्जा
बच्चों ने हवन में आहूतियां डालकर लिया का आशीर्वाद अध्यापकों
पैदा करता है। यही ऊर्जा हमें अपने निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने में मददगार होती है। सनातन संस्कृति में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत हवन यज्ञ से होती है, इसलिए बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना के लिए स्कूल में प्रवेशोत्सव की शुरुआत हवन से हुई।
उन्होंने विद्यार्थियों को यज्ञ का महत्व भी समझाया। उन्होंने कहा कि नए सत्र में बच्चे नई योजनाओं के साथ आगे बढ़ते हैं। हवन यज्ञ से वातावरण
तो शुद्ध होता ही है, लेकिन इस माहौल में बच्चों को भी अपने भविष्य की योजनाओं की बेहतरीन रूपरेखा तैयार करने की प्रेरणा मिलती है। साथ ही अपने रीति रिवाज और परंपराओं के बारे में भी ज्ञान होता है। उन्होंने कहा कि यज्ञ का अर्थ है कि हमें अपने स्वार्थ त्याग कर प्राणीमात्र के कल्याणर्थ हित कर कार्य करने चाहिए।
उन्होंने कहा कि विद्यालय की स्थापना का उद्देश्य सभी मनुष्यों का पुरुषार्थ द्वारा कल्याण करना है। जिससे विद्यार्थी विद्या ग्रहण कर समाज व राष्ट्र के प्रति समर्पित हो सकें। विद्यार्थी सभ्य नागरिक बन सकें। स्कूल में प्रथम दिन हवन यज्ञ और पूजा अर्चना का आयोजन भी इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए किया जाता है।
उन्होंने बच्चों को परिश्रम व लगन से पढ़ने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
छात्रों ने गणेश वंदना कर भगवान गणपति से आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर अध्यापकों ने छात्रों को विद्यालय के नियमों से संबंधित दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में अनुशासन अत्यंत आवश्यक है।
सभी बच्चों को अनुशासन में रहकर अपने भविष्य को नई दिशा देने की प्रतिवद्धता का प्रण भी दिलाया गया। अध्यापकों ने बच्चों के उज्वल भविष्य की कामना की और नई योजनाओं व नए जोश के साथ नए सत्र का शुभारंभ होने की बधाई भी दी।
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