दुनिया का सबसे ऊंचा कृष्ण धाम – युल्लाकांडा, जहाँ 12,778 फीट पर उल्टी टोपी तय करती है किस्मत

किन्नौर/विवेकानंद वशिष्ठ:- युल्लाकांडा (Yulla Kanda) श्रीकृष्ण मंदिर दुनिया का सबसे ऊंचाई पर स्थित कृष्ण मंदिर है. यह मंदिर समुद्र तल से लगभग 12,778 फीट (3,895 मीटर) की ऊंचाई पर एक पवित्र झील के बीच बना हुआ है।

युल्लाकांडा – बादलों से ऊपर बसा कृष्ण का धाम

“पौराणिक इतिहासिक” मान्यता है कि महाभारत काल में पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान इस झील और मंदिर का निर्माण किया था. यहाँ युधिष्ठिर ने भगवान कृष्ण का ध्यान किया था. इसे ‘स्वर्ग का द्वार’ भी कहा जाता है।

स्वर्ग का द्वार: जहाँ पांडवों ने बनाया था मंदिर, जन्माष्टमी पर झील में तैरती है मनोकामना की टोपी

टोपी की अनोखी परंपरा:– जन्माष्टमी पर श्रद्धालु पारंपरिक किन्नौरी टोपी को उल्टा करके झील में तैरते हैं. यदि टोपी बिना डूबे दूसरे छोर तक पहुंच जाए, तो इसे भाग्यशाली और मनोकामना पूरी होने का संकेत माना जाता है।

हिमाचल का गौरव: युल्लाकांडा – 3895 मीटर पर झील के बीच कृष्ण मंदिर, जो है पांडवों की तपोभूमि

 

 

इस पवित्र स्थल की यात्रा युल्ला खास (Yulla Khas) गाँव से शुरू होती है. यह लगभग 10 से 12 किलोमीटर का माध्यम से कठिन स्तर का पहाड़ी ट्रेक है।

सबसे सही समय: यहाँ जाने के लिए मई से अक्टूबर/नवंबर का महीना सबसे बेस्ट है। सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण यह रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है।

 

 

 

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