



नई-दिल्ली/विवेकानंद वशिष्ठ:- वरिष्ठ सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने तंजानिया के अरूशा में आयोजित 153वीं अंतर-संसदीय संघ (IPU) असेंबली के उद्घाटन समारोह में बहुदलीय भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत का प्रतिनिधित्व किया।

भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने तंजानिया के अरूशा में 153वीं अंतर-संसदीय संघ असेंबली के उद्घाटन समारोह में लिया भाग




प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने किया। प्रतिनिधिमंडल में सांसद अपरिजिता सारंगी, सस्मित पात्रा, संजय जायसवाल, कमलजीत सहरावत, लता वानखेड़े, बिजुली कलिता मेधी और एन.के. प्रेमचंद्रन शामिल हैं।







153वीं IPU असेंबली में विश्वभर के सांसद एक मंच पर एकत्रित हुए हैं, जहां सुशासन, समावेशिता, जन-केंद्रित विकास और वैश्विक सहयोग जैसे साझा विषयों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर भारत के दृष्टिकोण और अनुभव को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया।


उद्घाटन समारोह से इतर अनुराग सिंह ठाकुर ने सांसद डॉ. सस्मित पात्रा और एन.के. प्रेमचंद्रन तथा तंजानिया में भारत के उच्चायुक्त बिश्वदीप डे के साथ तंजानिया सरकार के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय संवाद में भाग लिया।




भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने तंजानिया के विदेश मंत्री डॉ. महमूद थाबित कोम्बो, सूचना, संस्कृति, कला एवं खेल मंत्री पॉल मकोंडा तथा प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री पालामागाम्बा जॉन ऐडन म्वालुको कबुडी से मुलाकात की।


इन बैठकों में सुशासन, समावेशिता, जन-केंद्रित विकास तथा भारत और तंजानिया के बीच सहयोग को और मजबूत करने जैसे साझा प्राथमिकता वाले विषयों पर चर्चा हुई। संवाद का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आपसी समझ, सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को और व्यापक बनाना रहा।
औपचारिक संसदीय एवं राजनयिक संवाद के साथ भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने तंजानिया की समृद्ध स्थानीय विरासत और अफ्रीकी संस्कृति का भी अनुभव किया।
अनुराग सिंह ठाकुर ने भारत की मार्गदर्शक भावना वसुधैव कुटुम्बकम को रेखांकित करते हुए प्रेम, शांति और एकता के संदेश के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर अनुराग सिंह ठाकुर ने पारंपरिक तंजानियाई कलाकारों के साथ नृत्य में भी सहभागिता की। उनकी यह भागीदारी भारत और अफ्रीका के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव, आपसी सम्मान और मैत्री की भावना को दर्शाती है।

उन्होंने भारतीय लोकतांत्रिक मूल्यों और तंजानिया की जीवंत सांस्कृतिक परंपराओं के बीच मजबूत मानवीय एवं सांस्कृतिक संबंध का संदेश दिया।




