



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- भारतीय जनता पार्टी मंडल बड़सर के अध्यक्ष संजीव शर्मा एवं ढटवाल मंडल अध्यक्ष यशवीर पटियाल ने कांग्रेस के “वोट चोरी” और “संविधान बचाओ” अभियान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि चुनाव हारने के बाद EVM, मतदाता सूची और चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करना कांग्रेस की पुरानी राजनीतिक आदत बन चुकी है।


कांग्रेस को पहले यह बताना चाहिए कि जब परिणाम उसके पक्ष में आते हैं, तब उसे चुनावी प्रक्रिया में कोई खामी क्यों नजर नहीं आती?




दोनों नेताओं ने कहा कि जनता के जनादेश को स्वीकार करना लोकतंत्र की पहली जिम्मेदारी है। यदि कांग्रेस के पास वास्तव में “वोट चोरी” या चुनावी धांधली के ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें राजनीतिक नारों और यात्राओं तक सीमित रखने के बजाय चुनाव आयोग तथा सक्षम संवैधानिक संस्थाओं के सामने प्रस्तुत करे।






बिना प्रमाण के गंभीर आरोप लगाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं पर अविश्वास पैदा करना जनता को गुमराह करने के समान है।


संजीव शर्मा ने सवाल किया कि कांग्रेस अपनी चुनावी हार की समीक्षा कब करेगी? क्या हर हार के बाद EVM को दोष देना ही कांग्रेस की राजनीति रह गई है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जनता के बीच जाकर यह बताना चाहिए कि उसकी नीतियों, संगठन और नेतृत्व को जनता ने क्यों नकारा।




जनादेश पसंद न आए तो उसे “वोट चोरी” कहना लोकतंत्र का सम्मान नहीं, बल्कि जनता के फैसले से बचने का बहाना है।


यशवीर पटियाल ने SIR और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि कांग्रेस स्वयं फर्जी, मृत अथवा अपात्र मतदाताओं के नाम हटाने की मांग करती रही है, तो अब मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने की प्रक्रिया का विरोध क्यों?
भाजपा का स्पष्ट मत है कि हर पात्र नागरिक का वोट सुरक्षित रहना चाहिए और अपात्र नामों को कानून के तहत हटाया जाना चाहिए। कांग्रेस को विरोध की राजनीति के बजाय तथ्यों और प्रमाणों के साथ अपनी आपत्तियां दर्ज करवानी चाहिए।
दोनों मंडल अध्यक्षों ने बड़सर में BDC सदस्यों और उनके परिवारों पर कथित दबाव तथा विभिन्न विभागों के माध्यम से कार्रवाई का भय दिखाए जाने की शिकायतों पर भी कांग्रेस से सीधा जवाब मांगा।
उन्होंने कहा कि यदि ऐसी शिकायतें सामने आई हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जो लोग आज संविधान और लोकतंत्र बचाने की बात कर रहे हैं, वे बताएं कि बड़सर में BDC सदस्यों पर लगाए जा रहे इन गंभीर आरोपों पर उनकी चुप्पी क्यों है?

संजीव शर्मा एवं यशवीर पटियाल ने कहा कि कांग्रेस पहले अपने गिरेबान में झांके, फिर लोकतंत्र का पाठ पढ़ाए। “वोट चोरी” जैसे गंभीर आरोप केवल भाषणों और नारों से साबित नहीं होते—प्रमाण हैं तो सामने लाएं, संवैधानिक संस्थाओं के समक्ष रखें और जांच करवाएं।
अन्यथा जनता के जनादेश का सम्मान करें। लोकतंत्र में जनता अंतिम निर्णायक है और जनता के फैसले से बड़ा कोई राजनीतिक तर्क नहीं हो सकता।




