87 टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों का होगा सम्मान

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:-  जिले में जोश कार्यक्रम के अंतर्गत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन 8 अक्टूबर 2026 को प्रातः 11:00 बजे बचत भवन, हमीरपुर में किया जा रहा है।

 

कार्यक्रम में जिला उपायुक्त हमीरपुर , जिले के सांसद, विधायकगण, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों को आमंत्रित किया गया है।

 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी जिला हमीरपुर डॉ. सतीश कुमार फोतेदार ने बताया कि इस कार्यक्रम में टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिला हमीरपुर की टीबी मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा।

 

उन्होंने कहा कि जिला हमीरपुर की 87 ग्राम पंचायतों का टीबी मुक्त पंचायत के रूप में सम्मानित होना स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज संस्थाओं, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं तथा आमजन के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।

 

उन्होंने सभी संबंधित पंचायत प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि टीबी उन्मूलन के लिए भविष्य में भी इसी प्रकार सक्रिय सहयोग जारी रखें, ताकि जिले को पूरी तरह टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।

 

 

टीवी मुक्त पंचायतों का ब्लॉकवार विवरण ब्लॉक बड़सर: बलबिहाल, बणी, बड़ाग्राम, दालचेरा, दंदलू, घंगोट कलां, ग्यारह गाँव, जुने, ज्योली देवी, झानी, जोड़ अम, कलवाल, कनोह, कसाई, कियारा बाग, महारल, पथेड़ा, स्मेला, सम्ताना कलां, सठवीं आदि पंचायतें।

 

 

ब्लॉक भोरंज: बधानी, भघेटू, दरे, धनवान, कक्कर, कर्राह, महल, पंजोत, पपला, पट्टा, रौंहवीं आदि पंचायतें।

ब्लॉक गलोड़: गाहली, फर्नोल, चंगर, गोईस, कश्मीर, मंझेली, नाल्टी, नारा, पनियाली, सनाही, ग्लो, सरेरी, ऊटप, हरेटा, मक्कड़, घेलूं, मलग, करेर , लोहरा आदि पंचायतें।

 

ब्लॉक नादौन: कोटला चिलियां, कंडरोला, प्लासी, गौना, हतोल, जोड़ सप्पड़, भद्रोल, भीरड़, कमलाह, मझियार, रैल आदि पंचायतें।

ब्लॉक सुजानपुर: भीरड़ा, सपाहल, बनाल, जंगल, पनोह, मनिहाल आदि पंचायतें। ब्लॉक टौणी देवी: बफरी, बजूरी, बल्लह, ब्लोह, बैरिंग, बरोहा, बोहनी, चेरीं दी धार, दल कानौन, धलोट, गसोता, ख्याह लोहारियां, लग कढियार, नेरी, पंधेड़, पुरली, सारा, हक्कर, सराकड़, स्वाहल, सिकंदर, टिब्बी, ओहर, ऊटपर आदि पंचायतें l

 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने में ग्राम पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

 

पंचायत स्तर पर टीबी के संभावित मामलों की समय पर पहचान, जांच, उपचार तथा मरीजों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध करवाने के साथ-साथ जन-जागरूकता गतिविधियों में पंचायत प्रतिनिधियों एवं समुदाय की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

 

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