



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक बुधवार को एडीसी अभिषेक गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक के दौरान समिति के सदस्य अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न मुद्दों और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के उपायों पर व्यापक चर्चा की।

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में एडीसी ने दिए निर्देश



इस अवसर पर एडीसी ने कहा कि पुलिस द्वारा सड़क दुर्घटनाओं की जानकारी एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस (आई-रैड) पर अपलोड की जाती है।






इसी के साथ ई-डार पोर्टल भी विकसित किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को तुरंत राहत एवं मुआवजा प्रदान करना है।



ई-डार पोर्टल पर सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों की डाटा अपलोडिंग में पुलिस के अलावा स्वास्थ्य विभाग और परिवहन विभाग की भूमिका भी बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। इसलिए, सभी संबंधित विभाग ई-डार पोर्टल पर डाटा की अपलोडिंग में अनावश्यक विलंब न करें।





एडीसी ने बताया कि इस वर्ष 30 सितंबर तक जिला में 74 सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। जबकि, पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान सड़क दुर्घटनाओं के 52 मामले दर्ज किए गए थे।


इस वर्ष सितंबर महीने में ही जिला में 12 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। एडीसी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यातायात के नियमों की सख्ती से अनुपालना के अलावा दुर्घटना की आशंका वाले स्थान चिह्नित करने और इन स्थानों पर आवश्यक सुधार करना भी आवश्यक है।
इसके लिए पुलिस, परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग, नेशनल हाईवे अथॉरिटी और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मौर्थ), शहरी निकायों और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
उन्होंने बताया कि सितंबर महीने के दौरान जिला में शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले 46 लोगों के चालान किए गए हैं। इनके अलावा ओवर स्पीडिंग के 1307, रैश ड्राइविंग के 29, सीट बैल्ट के बगैर 44, बिना हैलमैट के 1948, ड्राईविंग लाइसेंस के बगैर 71 और वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने पर 37 लोगों के चालान किए गए हैं।
एडीसी ने कहा कि सभी मुख्य सड़कों के किनारे खड़े किए जाने वाले और सड़क पर अतिक्रमण के मामलों पर भी सख्ती बरती जानी चाहिए। स्कूल बसों में भी सभी नियमों की अक्षरशः अनुपालना होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के घायलों के लिए पीएम-राहत योजना के तहत डेढ़ लाख रुपये तक के कैशलैस इलाज की सुविधा का व्यापक प्रचार-प्रसार होना चाहिए। सभी अस्पतालों में इनसे संबंधित डाटा की भी तुरंत अपलोडिंग होनी चाहिए।
एडीसी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के घायलों की तुरंत मदद के लिए आगे आने वाले लोगों को राहवीर योजना के तहत 25 हजार रुपये तक के पुरस्कार का प्रावधान है। पुलिस अधिकारी और डॉक्टर ऐसे मददगारों के नाम जिला सड़क सुरक्षा समिति को प्रेषित करें।
बैठक में सड़क सुरक्षा से संबंधित अन्य मुद्दों पर भी व्यापक चर्चा की गई। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी राजीव ठाकुर ने विभिन्न मुद्दों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया।




