



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल हमीरपुर में वार्षिक समारोह ‘सर्वस्व’ बड़े हर्षोल्लास, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया।


समारोह में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित डॉ. डी.एस. राणा, उपाध्यक्ष, डी.ए.वी. कॉलेज मैनेजिंग कमेटी एवं अध्यक्ष, स्थानीय प्रबंध समिति हमीरपुर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।




इस अवसर पर डॉ. रश्मि जम्वाल, ए.आर.ओ. एच.पी. ज़ोन-I विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। महात्मा हंसराज अवार्डी कुलदीप सिंह गुलरिया, प्रबंधक, डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल हमीरपुर तथा विभिन्न डी.ए.वी. विद्यालयों के प्रधानाचार्य भी समारोह की शोभा बढ़ाने के लिए उपस्थित रहे।







कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्वलन तथा डी.ए.वी. गान के साथ हुआ।




विद्यालय के प्रधानाचार्य महेंद्र सिंह ठाकुर ने सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत करते हुए अपने स्वागत भाषण में विद्यालय की उपलब्धियों, शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति विद्यालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।






प्रधानाचार्य महोदय ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को मोबाइल, टेलीविजन एवं अन्य डिजिटल उपकरणों की Blue Screen के अत्यधिक उपयोग से दूर रखें।



उन्होंने बच्चों के स्वस्थ शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए स्क्रीन टाइम सीमित करने तथा उन्हें पुस्तकों, खेलकूद, रचनात्मक गतिविधियों और पारिवारिक संवाद के लिए अधिक समय देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति के लिए आभार व्यक्त किया।

अपने प्रेरणादायक संबोधन में मुख्य अतिथि डॉ. डी.एस. राणा ने विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन, परिश्रम, नैतिक मूल्यों एवं समर्पण के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
उन्होंने शिक्षा को केवल अकादमिक उपलब्धियों तक सीमित न रखते हुए चरित्र निर्माण, संस्कारों एवं सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्होंने उन्हें अपने लक्ष्य निर्धारित करने और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने अपने प्रेरणादायी संबोधन में विद्यार्थियों को हिमाचल प्रदेश को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया।

उन्होंने प्रत्येक घर में एक बेटी होने की महत्ता पर बल देते हुए नारी सशक्तिकरण और बेटियों के सम्मान का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में देने की भावना विकसित करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि “सबसे प्रेम करो, सबकी सेवा करो और किसी से घृणा मत करो।”
उनका यह संदेश विद्यार्थियों को एक संवेदनशील, जिम्मेदार एवं संस्कारवान नागरिक बनने के लिए प्रेरित करता रहा।
इसके पश्चात विद्यार्थियों ने ‘सर्वस्व’ की मूल भावना को साकार करते हुए रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से भारतीय संस्कृति की विविधता एवं समृद्ध लोक परंपराओं का मनमोहक प्रदर्शन किया।
हिमाचली नाटी, जोशपूर्ण भांगड़ा, राजस्थानी लोकनृत्य, दक्षिण भारतीय नृत्य एवं बंगाली लोकनृत्य की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलकियों ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को जीवंत कर दिया।
विद्यार्थियों की आकर्षक वेशभूषा, सुमधुर संगीत एवं मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों ने समारोह में चार चाँद लगा दिए।
सांस्कृतिक कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण नाट्य प्रस्तुति रही, जिसमें विदेशों में बेहतर भविष्य की उम्मीद में अपने बच्चों को भेजने वाले माता-पिता और उनकी संतानों के बीच बदलते रिश्तों को भावनात्मक ढंग से दर्शाया गया।
इस नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि जीवन में सफलता, धन और आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ माता-पिता का प्रेम, उनका साथ, भावनात्मक जुड़ाव एवं पारिवारिक संस्कार भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
प्रस्तुति ने दर्शकों को भावुक कर दिया और परिवार एवं रिश्तों के वास्तविक महत्व पर सोचने के लिए प्रेरित किया।
समारोह का एक महत्वपूर्ण आकर्षण पुरस्कार वितरण समारोह रहा, जिसमें शैक्षणिक, सह-शैक्षणिक एवं खेलकूद गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
विद्यार्थियों की उपलब्धियों को सराहते हुए उन्हें भविष्य में भी निरंतर उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया।
विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट का वाचन हेड बॉय शिवांश धटवालिया एवं हेड गर्ल अनिंदिता द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यालय की वर्षभर की शैक्षणिक उपलब्धियों, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों, प्रतियोगिताओं एवं विभिन्न सामाजिक तथा सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में विद्यार्थियों की उल्लेखनीय सफलताओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
समारोह ‘सर्वस्व’ ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता, अनुशासन, सांस्कृतिक चेतना एवं सर्वांगीण विकास का सुंदर परिचय दिया।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल सफलता प्राप्त करना नहीं, बल्कि अच्छे संस्कारों, मानवीय मूल्यों और सामाजिक दायित्वों से परिपूर्ण व्यक्तित्व का निर्माण करना है। समारोह का समापन हर्षोल्लास एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ।



