




हिमाचल/विवेकानंद वशिष्ठ :- भारत में लोकसभा के चुनाव संपन्न हो गए हैं अब किसकी सरकार बनेगी लिए जाने समीकरणों से
पहला सिनैरियो : अगर चंद्रबाबू की TDP, NDA का साथ छोड़ती है तो-



NDA के पास 292 सीटें हैं, इनमें TDP की हिस्सेदारी 16 है। अगर TDP, इंडी अलायंस के साथ जाती है, तो NDA के पास 276 सीटें बचेंगी। यानी बहुमत से 4 सीटें ज्यादा। इस स्थिति में NDA की सरकार बन जाएगी। 292-16 = 276 (NDA बहुमत से 4 ज्यादा)





दूसरा सिनैरियो : अगर नीतीश की जदयू, NDA का साथ छोड़ती है तो NDA के पास 292 सीटें हैं, जिसमें जदयू के पास 12 सीटें हैं। अगर जदयू, इंडी के साथ जाती है, तो NDA के पास 280 सीटें रहेंगी। यानी बहुमत से 8 सीटें ज्यादा। NDA की सरकार बन जाएगी। 292-12= 280 (NDA बहुमत से 8 ज्यादा)


तीसरा सिनैरियो : अगर TDP और जदयू दोनों NDA का साथ छोड़ते हैं


TDP की 16 और जदयू की 12 सीटें मिलकर 28 का आंकड़ा होता है। अगर NDA की कुल 292 सीटों में से TDP और जदयू की सीटें माइनस कर दें तो आंकड़ा 264 पहुंचेगा। यानी बहुमत से 8 सीटें कम। ऐसे में NDA सरकार बहुमत से पीछे रह जाएगी।


TDP+ जदयू यानी 16+12 = 28
अब 292-28= 264 (NDA बहुमत से 8 सीटें पीछे हो जाएगी, लेकिन NDA बड़ा गठबंधन रहेगा)
• पहले और दूसरे सिनैरियो में NDA के पास बहुमत है। ऐसे में प्री-पोल अलायंस को बहुमत मिलने की स्थिति में राष्ट्रपति, NDA के नेता को सरकार बनाने के लिए इनवाइट करेंगे। गठबंधन के नेता होने की वजह से मोदी प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे।

• तीसरे सिनैरियो में भले ही NDA बहुमत से पीछे रहेगी, लेकिन सबसे बड़ा गठबंधन होने की स्थिति में राष्ट्रपति उसे सरकार बनाने के लिए इनवाइट करेंगे। इस स्थिति में भी नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। हालांकि बहुमत साबित करने के लिए उन्हें 8 सीटों की जरूरत होगी।

• इस बार निर्दलीय और कई छोटे-छोटे ऐसे दल, जो किसी गठबंधन में शामिल नहीं हैं, उन्हें कुल मिलाकर 18 सीटें मिली हैं। मोदी इन दलों या प्रत्याशियों को साथ लाकर बहुमत का आंकड़ा जुटा सकते हैं।




