



हमीरपुर /विवेकानंद वशिष्ठ :- प्राकृतिक आपदा जैसे सूखा, बाढ़, जलभराव और ओलावृष्टि इत्यादि से फसलों को होने वाले नुक्सान की भरपाई के लिए आरंभ की गई फसल बीमा योजना का लाभ वर्तमान खरीफ मौसम के दौरान भी उठाया जा सकता है। जिला हमीरपुर में इसी योजना के तहत वर्तमान खरीफ सीजन में मक्की और धान की फसल का बीमा किया जा रहा है।
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. शशि पाल अत्री ने बताया कि इन फसलों के बीमे के लिए अंतिम तिथि 15 जुलाई निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि मक्की की फसल के लिए जिला हमीरपुर की सभी तहसीलंे एवं उपतहसीलें अधिसूचित की गई हैं। जबकि, धान की फसल के बीमे के लिए तीन तहसीलें हमीरपुर, नादौन और भोरंज अधिसूचित की गई हैं। उपनिदेशक ने बताया कि इस योजना से संबंधित अधिसूचना विभाग की वेबसाइट एचपीएग्रीकल्चर.कॉम पर भी उपलब्ध है।


उन्होंने बताया कि अधिसूचित तहसीलों व उपतहसीलों में मक्की व धान की फसल उगाने वाले बटाईदारों और काश्तकार सहित सभी किसान बीमा करवा सकते हैं। किसान अपना फोटो पहचान पत्र, आधार कार्ड और अपनी भूमि के कागजात सहित बीमा कंपनी या नजदीकी लोक मित्र केंद्रों, बैंकों या ऑनलाइन के माध्यम से अपनी फसलों का बीमा करवा सकते हैं।



सभी ऋणी (जिन्होंने बैंक या अन्य वित्तीय संस्थान से ऋण लिया हो) किसानों को वित्तीय संस्थाओं द्वारा स्वतः ही बीमित किया जाएगा। यदि कोई ऋणी किसान इस योजना का लाभ नहीं उठाना चाहता है तो वह इस बारे में अपना घोषणा पत्र संबंधित बैंक शाखा में जमा करवा सकता है।
उपनिदेशक ने बताया कि जिला हमीरपुर में वर्तमान खरीफ मौसम के लिए क्षेमा जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड को अधिसूचित किया गया है। मक्की और धान की फसल के बीमे के लिए 1200 रुपये प्रति हैक्टेयर यानि 48 रुपये प्रति कनाल प्रीमियम तय किया गया है। इसकी बीमित राशि 60 हजार रुपये प्रति हैक्टेयर होगी।
योजना के संबंध में अधिक जानकारी के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों के अलावा क्षेमा जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड के जिला पर्यवेक्षक संदीप कुमार से या राज्य पर्यवेक्षक अरुण कुमार

















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