




हमीरपुर(नादौन)/विवेकानंद वशिष्ठ :- थाना क्षेत्र नादौन की सनाही पंचायत के गांव तेलकाड़ में एक व्यक्ति द्वारा कथित आत्महत्या के मामले को लेकर काफी हंगामा हो गया। खबर मिलते ही काफी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। पुलिस के खिलाफ नारे बाजी करते हुए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस मौका पर पहुंच गई लेकिन परिजनों व लोगों ने पुलिस को मृतक का शव 16 घंटे से मानि शनिवार दोपहर तक उठाने नहीं दिया।



लोग आरोपी को सामने लाने की मांग कर रहे थे स्थित काफी तनावपूर्ण हो गई लोग अक्रोशित थे। गांव के आरोपी चानू राम पुलिस को झूजे शिकायत की थी कि मृतक ने ने घर में अवैध बंदूक रखी है जिस पर पुलिस ने शुक्रवार को ही मृतक के घर की तलाशी ली थी। जिससे परिवार के मुखिया 49 वर्षीय मृतक रघुबीर सिंह पुत्र स्वगीय स्वर्ण सिंह ने इतना कठोर कदम उठाया।







घटना को लेकर लोगों में काफे अकोश व रोष था कि उन्होंने पंचायत तथा पुलिस के विरुद्ध नारेबाजी भी की। मृतक के भाई जसवीर सिंह और सुखदेव सिंह ने बताया कि उनके गांव के ही एक बाबूराम नामक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत की थी कि उनके भाई के पास अवैध बंदूक है इसके बाद शुक्रवार शाम करीच 7:30 बजे पुलिस की एक टीम ने रघुवीर के घर में तलाशी ली परंतु तलाशी में उन्हें कोई हथियार नहीं मिला।




इसी बात से आहत होकर लोक लज्जा के चलते पुलिस के जाने के करीब आधे बाद ही रघुबीर ने घर के कमरे में फंदा लगा लिया लेकिन अभी तक इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है। परिजनों का आरोप है कि बाबूराम इससे पूर्व भी लगातार उनके भाई के विरुद्ध झूठी शिकायतें करके उसे मानसिक तौर पर परेशान करता आ रहा था जिससे वह पहले ही काफी आहत था।
परिजनों व गांव वासियों का कहना है कि मृतक काफी सीधा-साधा व्यक्ति था और गांव में किसी के साथ भी उसका कोई झगड़ा नहीं है जबकि बाबूराम झगड़ालू किस्म का व्यक्ति है। मृतक अपने पीछे वृद्ध माता, पत्नी तथा दो बेटे छोड़ गया है। डीएसपी नितिन वैहान का कहना है कि आरोपी बानूराम को हिरासत में ले लिया है तथा उसके विरुद्ध झूठी शिकायत दर्ज करवाने तथा आत्महत्या के लिए उकसाने या बाध्य करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।


बाबूराम ने पुलिस को को शिकायत में बार बार अवैध हथियार होने और गोली चलाने की आशंका भी व्यक्त की है जिसके चलते पुलिस ने पंचायत प्रधान सरिता देवी को उपस्थिति में घर में निरीक्षण अभियान चलाया गया। एसडीएम अपराजिता चंदेल का कहना है कि परिवार कालों में रोष था वे मामले की निष्पक्ष जांच चाह रहे थे इसी लिए वे डेड बॉडी को पुलिस को नहीं सौंप रहे थे।
मैंने कहां पहुंच कर मृतक के परिजनों का पक्ष सुना तथा आधान दिया कि उनके घर में पुलिस की तलाशी क आरोपित व्यक्ति को भूमिका सहित पूरे मामले की निषपक्ष जांच की जाएगी। इस बारे डीएसपी को भी जांच करके रिर्पोट देने को कहा गया है यदि जांच में कोई पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।




