नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं को बताइ अंगदान की बारीकियां, हमीरपुर में नेत्रदान संबंधी जागरूकता शिविर आयोजित

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :-  सोटो हिमाचल प्रदेश व हमीरपुर मेडिकल कॉलेज की ओर से अंगदान जन जागरूकता अभियान के तहत वीरवार को मां जानकी नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं को अंगदान व नेत्रदान के बारे में जानकारी दी गई। हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग अध्यक्ष डॉक्टर अनिल ने पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए छात्राओं को अंगदान की बारीकियों के बारे में बताया।

 

उन्होंने बताया कि नेत्रदान करके दूसरों की जिंदगी में उजाला लाया जा सकता है। करने के बाद शरीर को जलाया या दफनाया जाता है ऐसे में व्यक्ति के नेत्र किसी जरूरतमंद मरीज के जीवन को रोशन कर सकते हैं।उन्होंने कहा कि एक ब्रेन स्टेम डेड व्यक्ति आठ लोगों की जिंदगी बचा सकता है। अंगदान एक नया जीवनदान है जो कि व्यक्ति मरने के बाद दे सकता है।

एक व्यक्ति जिसकी उम्र कम से कम 18 वर्ष हो वह स्वैच्छिक रूप से अपने करीबी रिश्तेदारों को देश के कानून और नियमों के दायरे में रहकर अंगदान कर सकता है और अंगदान करने की शपथ ले सकता है। अंगदान से संबंधित सही जानकारी वह भ्रम होने की वजह से अधिकतर लोग अंगदान करने से पीछे हट जाते हैं । इसीलिए अगर लोगों में पहले से अंगदान को लेकर पर्याप्त जानकारी होगी तभी ऐसे मौके जरूरतमंदों के लिए वरदान साबित हो सकते हैं।

 

सोटो हिमाचल की ऑफिशल वेबसाइट www.sotto himachal.in के तहत अब कोई भी व्यक्ति घर बैठे बैठे अंगदान करने के लिए शपथ पत्र भर सकता है। वेबसाइट पर कर कोड स्कैन कर रजिस्ट्रेशन की औपचारिकता पूरी करते हुए व्यक्ति अंगदान की इच्छा जाहिर कर सकता है। यह प्रक्रिया आधार लिंक होगी। मौजूदा समय में प्रदेश भर से करीब 1000 से अधिक लोगों ने अंगदान का शपथ पत्र भरा है। कार्यक्रम में कॉलेज की करीब 70 छात्र छात्राएं व सोटो के विशेष स्वयंसेवी अमित शर्मा सहित कॉलेज के शिक्षक वर्ग मौजूद रहे।

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