पूरे देश में डॉक्टरों का चौथे दिन भी पेंडेंट स्ट्राइक चला:  चलती रही आपातकालीन सेवाएं 

 हिमाचल/विवेकानंद वशिष्ठ  :-  जिला अध्यक्ष ने बताया की आज पुरा दिन पुरे देश और राज्य संघ के साथ 20 August को भी पुरे दिन और अनिश्चित pendown करने का निर्णय राज्य संघ के साथ लिया है जिसमे आपातकालीन बाधित नही होंगी,जिलाध्यक्ष ने सभी लोगों से अपील की की लेडीज और डॉक्टरों की सुरक्षा हेतु आगे आयें और साथ दें!

आज भी चौथे दिन पूरे देश में डॉक्टरों का पेंडेंट स्ट्राइक चला जिसके चलते मरीज को आ रही है भारी परेशानी इमरजेंसी सेवाएं आपातकालीन सेवाएं दी जा रही हैं डॉक्टर के द्वारा लेकिन सरकार के कान पर जो नहीं रहेंगे रही है अभी तक किसी भी तरह का कोई संज्ञान या कोई प्रतिक्रिया देश प्रदेश सरकार की तरफ से डॉक्टर के हित में नहीं की गई है इससे पता चलता है कि कितने संगीनता के साथ डॉक्टर की सुरक्षा को देखा जा रहा है.

हिमाचल चिकित्सा अधिकारी संघ कोलकाता में महिला रेजिडेंट डॉक्टर की निर्मम हत्या पर दुख और संवेदना व्यक्त करता है । ऐसा जघन्य अपराध निंदनीय और दंडनीय है । और इस संदर्भ में न्याय की गुहार लगाता है। इस संदर्भ में भी संघ ने उसे समय चिकित्सकों की सुरक्षा के साथ-साथ हेल्थ इंस्टीट्यूशन में हेल्थ केयर पर्सन फॉर हेल्थे केयर प्रोफेशनल्स और इंस्टीट्यूशन प्रॉपर्टी प्रोटेक्शन एक्ट के तहत नियम लागू करने की मांग की थी। लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी इस समस्या को स्वास्थ्य विभाग के द्वारा दरकिनार कर दिया गया। आज भी हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था स्टेट हेल्थ प्रोटेक्शन एक्ट जो कि केंद्रीय हेल्थ प्रोटेक्शन एक्ट

हिमाचल में भी चिकित्सक कई संस्थानों पर दिन-रात सेवाएं दे रहे हैं ,कई स्वास्थ्य संस्थान जहां रात्रि सेवाएं दी जाती हैं वह कोई भी चिकित्सक तैनात नहीं है तो इधर-उधर से डेपुटेशन करके जुगाड़ के सहारे स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही है। वहीं कहीं जगह पर एक या दो चिकित्सक हैं वहां यह तो एक-एक माह तक दिन-रात सेवाएं देना पड़ रही है या 15- 15 दिन दैनिक और 15 दिन रात्रि सेवाएं देना पड़ रही है । इस तरह से इन स्थानों में इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड के तहत पद ना बढ़ाने के चलते कई चिकित्सक गण और उनके परिवार मानसिक प्रताड़ना का शिकार हो रहे है अतः संघ की मांग है कि चिकित्सकों की ड्यूटी करने की अवधि निर्धारित की जाएl

हमीरपुर संघ जिलाध्यक्ष डॉ सुरेंद्र डोगरा और राज्य संघसंघ ने अपनी मांगे कई बार स्वास्थ्य विभाग के सामने रखी। इस संदर्भ में 56 दिन संघर्ष का रास्ता भी अपनाया। हर बार संघ को आश्वासन दिया जाता है और विभाग उनकी मांगों को लेकर कोई भी सुनवाई नहीं करता है।

कोई भी संगठन सरकार और कर्मचारियों के बीच पुल का काम करती है। ऐसे में विभाग के उस पुल को ही तोड़ा जाए तो कर्मचारियों का मनोबल निःसंदेह टूटेगा। संघ ने हमेशा ही अपने मांगों को सरकार के सामने रखा है लेकिन वार्ता के बाद विभाग ने कोई भी ठोस कदम इस संदर्भ में नहीं उठाए हैं।

हमीरपुर संघ जिलाध्यक्ष डॉ सुरेंद्र डोगरा और राज्य संघ माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी से यह प्रार्थना है कि हमारी मांगों पर शीघ्र अति शीघ्र विचार किया जाए।

डॉ विकास ठाकुर

महासचिव हिमाचल चिकित्सा अधिकारी संघ, जिलाध्यक्ष हमीरपुर डॉ सुरेंद्र सिंह डोगरा, सचिव डॉ वंक्टेश्वर् सिंह रनौत

 

 

 

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