भगवान श्री कृष्ण जी ने गीता में कहा कि मैं ही सर्वत्र हूं
श्री कृष्णो उवाच :- जीवों में , मैं आत्मा हूं तेजस्वियों में सूर्य मैं हूं। वेदों में सामवेद मैं हूं, राजाओं में इन्द्र मैं हूं, पर्वतों में सुमेरु मैं हूं, नागों में वासुकी मैं हूं, पुरोहितों में बृहस्पति मैं हूं, सेनानायकों में कार्तिकेय मैं हूं, जलाशयों के समुद्र मैं हूं, ऋषियों में भृगु मैं हूं,राक्षसों में … Read more