




हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- हिम अकादमी पब्लिक स्कूल, विकासनगर द्वारा “नशा एक सामाजिक बुराई” विषय पर एक प्रभावशाली एवं जागरूकता से भरपूर कार्यक्रम का आयोजन 11 जुलाई को किया गया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को नशे के बढ़ते खतरे के प्रति जागरूक करना एवं समाज में एकजुट होकर इस बुराई से लड़ने का संदेश देना था।








पुलिस विभाग,प्रशासनिक अधिकारियों एवं चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ साझा प्रयास





कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती सौम्या सम्बशिवन, आई.पी.एस, उप पुलिस महानिरीक्षक, केंद्रीय रेंज, मंडी रहीं, जिनका विद्यालय प्रबंधन द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उनके साथ अन्य विशिष्ट अतिथियों में हरीश (उप पुलिस अधीक्षक, हमीरपुर), कपिल देव शर्मा (जिला अटॉर्नी, पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, डरोह), डॉ. राजीत (एम.डी. मनोरोग, डॉ. आर.के.जी.एम.सी, हमीरपुर), तथा भागीश शर्मा (कानूनी सलाहकार एवं नोटरी पब्लिक) उपस्थित रहे।



सम्बसिवन ने अपने प्रभावशाली संबोधन में नशे की पहचान, समय पर हस्तक्षेप, अभिभावकों की सतर्क भूमिका तथा स्कूल-परिवार-प्रशासन के सामूहिक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने हिमाचल प्रदेश पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, डरोह में उनके नेतृत्व में आरंभ किए गए,ड्रग डिटेक्शन किट्स की जानकारी साझा की, जो अब प्रदेश भर के स्कूलों, कॉलेजों और पंचायतों में जागरूकता और स्क्रीनिंग के लिए उपयोग हो रही हैं।



ये किट नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत ए.टी.एफ, कुल्लू से प्राप्त होती हैं और हेरोइन, कोकीन जैसे खतरनाक पदार्थों की त्वरित पहचान कर सकती हैं। उन्होंने बताया कि ये किट सामान्य फार्मेसी में उपलब्ध नहीं हैं और इनका उपयोग अब पुलिस अभियान के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता के उद्देश्यों से भी किया जा रहा है।
इस पहल को हरियाणा उच्च न्यायालय ने भूपेंद्र सिंह बनाम राज्य हरियाणा मामले में समर्थन देते हुए सराहा है। न्यायालय के निर्देशानुसार पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के 1776 पुलिस अधिकारियों को डरोह में प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें इन किट्स का लाइव प्रदर्शन भी शामिल था।
अभिभावकों को संबोधित करते हुए उन्होंने “तीन ‘स’ – सम्मान, समय और संदेह” का संदेश दिया और समझाया कि बच्चों में सम्मान की भावना जगाना, समय पर उचित कदम उठाना तथा किसी भी संदेह को नजरअंदाज न करना, अभिभावकों की अहम जिम्मेदारी है।
विद्यार्थियों को उन्होंने प्रेरणादायक संदेश देते हुए कहा कि – “जागरूक बनो, सतर्क रहो और ज़िम्मेदार नागरिक बनो।” उन्होंने विद्यार्थियों को समूह दबाव से बचने, सही जानकारी रखने और समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों एवं विशेषज्ञों का आभार प्रकट किया तथा समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने व विद्यार्थियों को जागरूक नागरिक बनाने के संकल्प को दोहराया।
यह कार्यक्रम प्रतिभागियों के मन में गहरी छाप छोड़ गया और समाज को नशे के विरुद्ध एकजुट होकर खड़े होने का संदेश देकर संपन्न हुआ।विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों एवं विशेषज्ञों का आभार प्रकट किया तथा समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने व विद्यार्थियों को जागरूक नागरिक बनाने के संकल्प को दोहराया।
इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों की भी सक्रिय भागीदारी रही। विद्यालय प्रधानाचार्या इंजीनियर नैना लखनपाल ने बच्चों को प्रेरित करते हुए नशे के विरुद्ध जागरूक, सतर्क और सशक्त बनने का संदेश दिया।



