शिमला पुलिस द्वारा पत्रकारों पर दर्ज की गई एफआईआर को बताया लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला: सुशील शर्मा

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :-    हिमाचल प्रदेश में पत्रकारिता पर बढ़ते सरकारी दबाव को लेकर प्रेस क्लब हमीरपुर ने आज कड़ा विरोध दर्ज किया है। प्रेस क्लब ने शिमला पुलिस द्वारा वरिष्ठ पत्रकार संजीव कुमार सहित अन्य न्यूज़ पोर्टल्स के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर कुठाराघात करार दिया है।
हमीरपुर प्रेस क्लब की एक आपात बैठक में इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताया गया। प्रेस क्लब हमीरपुर के अध्यक्ष सुशील शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष जसवीर कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरविंद सिंह, महासचिव कमलेश कुमार, उपाध्यक्ष कंचन शर्मा, और वरिष्ठ पत्रकार उषा चौहान सहित अन्य पत्रकारों ने सामूहिक रूप से मांग की है कि प्रदेश सरकार इस एफआईआर को तुरंत प्रभाव से वापस ले और संबंधित अधिकारियों पर जवाबदेही तय करे।
प्रेस क्लब ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि:
 “पत्रकारों की जिम्मेदारी है कि वे जनता के सामने सच्चाई लाएं। यदि उन पर इस प्रकार की दमनकारी कार्रवाई की जाएगी, तो यह लोकतंत्र के मूलभूत सिद्धांतों का अपमान है।”
प्रेस क्लब ने प्रदेश के सभी पत्रकार संगठनों से एकजुट होकर इस मुद्दे पर आवाज उठाने का आह्वान किया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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