




बिलासपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- प्रदेश कांग्रेस के मीडिया कॉर्डिनेटर संदीप सांख्यान ने कहा कि बीते कल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल की अध्यक्षता में “वोट चोरी” पर हुई कांग्रेस की राज्यस्तरीय बैठक हुई, प्रदेश कांग्रेस की प्रभारी रजनी पाटिल, प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्षा प्रतिभा सिंह ने “वोट चोरी” के मुद्दे पर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और युवाओं के सामने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की सच्चाई बयां की और कार्यकर्ताओं में जोश भरा और उसी जोश और नारों पर भाजपा के नेताओं ने टिप्पणियां शुरू कर दी।








भाजपा के नए बने प्रवक्ता अपने सीनियर नेताओं से सीख लें






संदीप सांख्यान ने कहा कि वह भाजपा के नए बने प्रवक्ताओ को बताना चाहते हैं कि कार्यकर्ता अपने नेताओं में विश्वास रखते हुए उनके पक्ष में नारे लगा रहे थे किसी के विरोध में नहीं थे, यह कांग्रेस पार्टी के भीतर का लोकतंत्र है अपने नेताओं के प्रति सम्मान की भावना को दर्शाती है।
कांग्रेस के नेताओं का अपने कार्यकर्ताओं पर अटूट विश्वास और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का भी अपने नेताओं से दिल का रिश्ता


कार्यकर्ताओं का अपने नेताओं के प्रति अटूट विश्वास और उसे संरक्षण का प्रमाण पत्र है कि कांग्रेस के नेता अपने कार्यकर्ताओं के लिए भी उतने ही समर्पित हैं। जो भाजपा के विधायक दल में और संसदीय दल में नेता भी नहीं है। भाजपा में हर समय यही डर लगा रहता है कौन सा गुट कब किसको कैसे निपटा देगा और भाजपा के कार्यकर्ता मूक दर्शक बन के अपना दुख व्यक्त करते हैं। कार्यकर्ताओं का हक मारने वाले भाजपा के नकारे हुए और जनता में हारे हुए नेता अब प्रवक्ता बनकर अपनी भूमिकाएं तलाश रहे हैं।
राकेश पठानिया शायद 90 के दशक का ज्वालाजी भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सम्मेलन भूल गए जहां पर उन्होंने शांता कुमार जैसे वरिष्ठ नेता के साथ बदतमीजी की थी, जिसके इनाम में धूमल गुट में शामिल हो गए और आज प्रेम कुमार धूमल को छोड़कर बिंदल की स्तुति कर रहे हैं।
भ्रष्टाचारों के आरोपों से ग्रसित राकेश पठानिया जयराम सरकार में मंत्री थे जो आज कांगड़ा में संतरी भी नहीं रहे। संदीप सांख्यान ने कहा कि राकेश पठानिया जी नए-नए प्रवक्ता बने हैं बेहतर हैं सीनियर प्रवक्ताओं से कुछ सीख लें विधायक होते हुए विधानसभा में 67 जनप्रतिनिधियों के सामने ही प्रस्तुति देनी पड़ती थी अब पूरे प्रदेश की 75 लाख प्रदेशवासियों के सामने फजियत करवानी पड़ेगी।
जो भाजपा वोट खरीद के राज्यसभा सीट जीती हैं उन्हें वोट चोरी एक आम प्रक्रिया लगती होगी लेकिन हकीकत में यह लोकतंत्र की हत्या है। राकेश पठानिया कुछ भी बोलने से पहले स्वयं अपना गिरेबान झांक लेते। जिनके अपने पार्टी के अध्यक्ष राजीव बिंदल की परिवार सहित दो-दो जगह वोट बनी हुई है।
जो समाचार पत्रों में भी प्रकाशित हो चुकी है। जिनके अपने घर शीशे के हो वह दूसरों के यहां पत्थर नहीं मारा करते 5-5 टुकड़ों में बटी हुई भाजपा हर क्षेत्र में भ्रष्टाचार में लिफ्ट भाजपा अपना गिरेबान झांक ले।
रिकॉर्ड स्टेटमेंट के पॉइंट्स
कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश और विश्वास और कांग्रेस नेताओं का उनके प्रति स्नेह का प्रतीक है।
जिन्होंने स्वयं वोट चोरी और खरीद के राज्यसभा जीती हो वह पतली गली से भाग रहे हैं।
राकेश पठानिया नए-नए प्रवक्ता बने हैं। उन्हें याद होना चाहिए की 90 के दशक में ज्वाला जी में पार्टी के कार्यकारिणी में क्या हुआ था।
जब उन्होंने शांता कुमार जैसे वरिष्ठ नेता से बदतमीजी की थी और धूमल गूट में शामिल हुए थे
आज किस नेता की स्तुति कर रहे हैं उसे अध्यक्ष की वोटर लिस्ट की पहले त्रुटियां तो सही करवाने।
जो समाचार पत्रों में प्रकाशित हो रहे हैं।



