कांग्रेस ने ‘नीचता की सारी हदें की पार: भाजपा 

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- हमीरपुर भाजपा ने गुरुवार को बिहार में एक रैली के वायरल वीडियो को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधा, जिसमें ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत माँ के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था।

 

भाजपा ने प्रधानमंत्री मोदी और उनकी दिवंगत माँ के खिलाफ इस्तेमाल की गई ‘अभद्र भाषा’ को लेकर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर निशाना साधा; कहा: ‘नीचता की सारी हदें पार कर दी’

 

भाजपा ने इंडी गठबंधन दलों पर हमला करते हुए दावा किया कि मतदाता अधिकार यात्रा अभद्र भाषा के इस्तेमाल का अखाड़ा बन गई है और इसके नेताओं ने “अपमान, घृणा और अश्लीलता” की सारी हदें पार कर दी हैं।

भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर, महामंत्री अजय रिंटू और मीडिया प्रभारी विक्रमजीत सिंह बन्याल ने एक संयुक्त बयान में कहा कि: “राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की यात्रा के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत माता जी के विरुद्ध अत्यंत अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। राजनीति में ऐसी नीचता पहले कभी नहीं देखी गई। इस यात्रा ने अपमान, घृणा और अश्लीलता की सारी हदें पार कर दीं।”

 

“तेजस्वी और राहुल ने अपने मंच से इतनी अभद्र भाषा का प्रयोग करवाया है कि उसे सार्वजनिक मंच पर दोहराना भी संभव नहीं है। यह ऐसी गलती है कि राहुल और तेजस्वी कान पकड़कर और उठक-बैठक लगाकर हज़ार बार भी माफ़ी मांग लें, तो भी बिहार की जनता उन्हें माफ़ नहीं करेगी। यह बेहद शर्मनाक बात है।”

 

उन्होंने राहुल और तेजस्वी पर आरोप लगाया कि वे इतने ज़्यादा गिर गए हैं कि प्रधानमंत्री मोदी की दिवंगत माता को भी गाली देने से परहेज नहीं कर रहे, जो अक्षम्य है। उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी जैसे नेताओं, जिन्होंने पहले भी बिहार के लोगों का अपमान किया था और सनातन धर्म को मलेरिया, डेंगू आदि के समान बताया था, के साथ मंच साझा करने के लिए भी राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की आलोचना की।

 

उन्होंने कहा कि यह देखकर बेहद निराशा हुई कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी इस फर्जी यात्रा में उन नेताओं के साथ शामिल हो रहे हैं जो सनातन धर्म और उसके मूल्यों का विरोध करते रहे हैं। उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे स्वयं देवभूमि से सम्बंध रखते हैं और इस राज्य की जनता उन्हें सनातन धर्म के गद्दारों से हाथ मिलाने के लिए कभी माफ़ नहीं करेगी। सभी जानते हैं कि हिमाचल प्रदेश इन दिनों प्राकृतिक आपदाओं से बुरी तरह त्रस्त है, लोग बेघर हो गए हैं, कई जानें जा चुकी हैं और राज्य को अरबों रुपये का नुकसान हुआ है। इन सबके बावजूद, सबसे बड़ी विडंबना यह है कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपने गृह राज्य के लोगों के लिए समय निकालने के बजाय फर्जी मतदाता अधिकार यात्रा में सनातन विरोधी नेताओं के साथ जाने को प्राथमिकता दी।

 

जहां एक ओर प्रधानमंत्री मोदी देश को विश्व पटल पर सर्वोच्च श्रेणी में लाने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं और देश विरोधी ताकतों को देश से बाहर निकालने में प्रयासरत हैं, वहीँ दूसरी ओर विपक्ष के इस प्रकार के घिनौने हथकंडे अपनाकर देश को कमजोर करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है जो विपक्षी नेताओं ने इस देश में पैदा कर दी है।

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