



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- हमीरपुर जिला एथलेटिक संघ अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक धारी खिलाड़ी का अभिनंदन करता है और उसका धन्यवाद करता है कि उसने आज हमीरपुर, हिमाचल का नाम पूरे विश्व भर में प्रसिद्ध किया है।

ज़िला एथ्लेटिक्स संघ के अध्यक्ष पंकज भारतीय ने बताया की मुनिशा ने रांची में सम्पन्न दक्षिण आसियान एथ्लेटिक्स प्रतियोगिता के 4 गुना 400 मिटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीत कर प्रदेश का नाम रोशन किया हैं।

उन्होने बताया की हमीरपुर डिग्री कॉलेज सिंथेटिक खेल मैदान से यह पहली खिलाड़ी है जिसने इतना ऊंचा मुकाम हासिल किया। इसके लिए ज़िला एथ्लेटिक्स एसोशिएशन सभी खेल प्रशासकों, एथलेटिक्स से जुड़े सभी प्रशासकों का, कोच साहिबान और वह सभी व्यक्ति जिन्होंने प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से हमीरपुर एथलेटिक्स और उससे जुड़े खिलाड़ियों को सहयोग दिया, उन सब का दिल की गहराइयों से धन्यवाद करता हैं।
मनीषा हमीरपुर जिला के दूरस्थ गांव उटपुर से संबंध रखती हैं। हमीरपुर ज़िला के दूरस्थ गाँव उटपुर की रहने वाली मनीषा एक साधारण परिवार से संबंध रखती हैं। पिता रमेश चंद ट्रक ड्राईवर हैं और माता शीला देवी ग्राहिणी हैं। सामान्य परिवेश में पालकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धमक बिखेरने के क्रम में मनीषा ने कई बाधायों को झेला और सफलतापूर्वक पर किया हैं।
बिगत दो वर्षो में मनीषा ने ओपेन एथ्लेटिक्स प्रतियोगिता संगरूर में 400 मीटर दौड़ में 53.81 सेकंड का समय निकाल कर स्वर्ण पदक जीत कर अपनी जगह राष्ट्रीय टीम में सुनिश्चित की हैं।
64वी नेशनल अंतर स्टेट प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता, खेलो इंडिया में 400 मीटर रीले में कांस्य पदक जीता, अंडर 23 ओपेन एथ्लेटिक्स प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल, खेलो इंडिया प्रतियोगिता में कांस्य पदक तथा इंटर यूनिवरसिटि प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता हैं।
मनीषा का मानना हैं की यह जीत हिमाचल की सभी बेटियो की जीत हैं। मनीषा ने कहा की प्रतयोगिता में जाने से पूर्व उसने पदक जीतने का वादा किया था तथा इसे पूरा करके दिखया हैं।
उन्होने इस अवसर पर ज़िला एथ्लेटिक्स संघ हमीरपुर और हिमाचल प्रदेश का भी धन्यबाद किया हैं जिनहोने उसकी इस सफर में मदद की हैं।
उन्होने अपने माता-पिता, गुरुजनों, सभी कोच साहिबन का विशेष आभार प्रकट किया हैं जिनके कारण वह आज इस मुकाम पर खड़ी हैं।



































