सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट व सेवार्थ विद्यार्थी

शिमला/विवेकानंद वशिष्ठ :-  सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय संवेदना को केंद्र में रखते हुए सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट एवं सेवार्थ विद्यार्थी के संयुक्त तत्वावधान में शिमला शहर के विभिन्न क्षेत्रों में एक व्यापक वस्त्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

मानवता की मिसाल बनी ‘वस्त्र बैंक’ पहल

इस कार्यक्रम के अंतर्गत उन वस्त्रों का वितरण किया गया जो 20 व 21 दिसंबर को शिमला शहर के विभिन्न स्थानों पर वस्त्र बैंक लगाकर आम नागरिकों के सहयोग से एकत्र किए गए थे। इसके अतिरिक्त, कड़ाके की ठंड को देखते हुए जरूरतमंदों को नए व गरम कंबल भी वितरित किए गए, ताकि कोई भी व्यक्ति सर्द मौसम में असहाय न रहे।

सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट व सेवार्थ विद्यार्थी द्वारा शिमला के 4 स्थानों पर वस्त्र वितरण

यह सेवा कार्य शिमला शहर के गुशैन (मेहली), शक्राल (मेहली), सब्जी मंडी (ढली) तथा सांगटी क्षेत्रों में किया गया। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर, मजदूर वर्ग, बुजुर्गों एवं जरूरतमंद परिवारों ने इस वस्त्र वितरण अभियान का लाभ उठाया। कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने घर-घर जाकर तथा सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर जरूरतमंदों की पहचान कर उन्हें वस्त्र और कंबल वितरित किए।

इस अवसर पर सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट के सचिव श्री सुरेंद्र शर्मा जी ने कहा कि “वस्त्र बैंक का मुख्य उद्देश्य समाज के संपन्न वर्ग और जरूरतमंद वर्ग के बीच एक सेतु का कार्य करना है। ठंड के मौसम में कपड़े और कंबल केवल सामग्री नहीं, बल्कि किसी के लिए जीवन रक्षक बन जाते हैं। हमें गर्व है कि शिमला शहर के लोगों ने बढ़-चढ़कर इस अभियान में सहयोग किया और अपने उपयोग योग्य वस्त्र दान किए।”

उन्होंने आगे कहा कि सेवार्थ विद्यार्थी और सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट का प्रयास हमेशा से यह रहा है कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सहायता पहुंचाई जाए। इस प्रकार के सेवा कार्य न केवल जरूरतमंदों को राहत पहुंचाते हैं, बल्कि समाज में आपसी सहयोग, करुणा और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करते हैं।

श्री शर्मा जी ने सभी दानदाताओं, स्वयंसेवकों एवं स्थानीय नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग के बिना यह अभियान सफल नहीं हो सकता था। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया कि वे सामाजिक सरोकारों को समझते हुए सेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएं, क्योंकि युवा शक्ति ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है।
कार्यक्रम के दौरान सेवार्थ विद्यार्थी के कार्यकर्ताओं ने पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ व्यवस्था संभाली तथा यह सुनिश्चित किया कि वस्त्र और कंबल वास्तविक जरूरतमंदों तक ही पहुंचें। संस्था की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि आने वाले समय में शिमला शहर के अन्य क्षेत्रों में भी इसी प्रकार के जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

यह वस्त्र वितरण अभियान न केवल जरूरतमंदों के लिए राहत का माध्यम बना, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को सेवा, समर्पण और मानवता के मूल्यों से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास भी सिद्ध हुआ।

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