



शिमला:- स्मार्ट मीटर्स को लेकर प्रदेश में कई चर्चाएं हैं। सभी चर्चाओं का लब्बोलुआब यह है के जतना को लगता है के उन्हें लूटा जा रहा है। और यह सोच पढ़े लिखों से लेकर गरीब सब तक समान है।

स्मार्ट मीटर्स पर जनता में असंतोष, विभाग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए




इस ख्याल को बिना किसी घोषणा, पूर्व सूचना के मीटर उखाड़ कर नए लगाने की कार्रवाई और हवा दे रही है। ऐसे में बिजली विभाग को स्मार्ट मीटर को लेकर जनता की बात सुननी चाहिए और सभी शंकाओं का निवारण करना चाहिए वरना यह सरकार की छवि पर भी प्रतिकूल असर डाल सकता है।







वैसे यह अपने आप में दिलचस्प है के देश के बिजली राज्य में इस तरह के उपक्रम किये जा रहे हैं। कहाँ तो एक तरफ 300 यूनिट फ्री का वादा था और कहाँ ऐसे अति संवेदी मीटर जिनके बारे में कहा जा रहा के स्विच इंडिकेटर की भी खपत दर्ज करते।


विभाग को व्यापक अभियान चलाकर सबसे पहले जनता को इसकी खूबियां बतानी होंगी —-अभी तो अधिकंशलोग यही समझ रहे के यह उनको लूटने का काम करेंगे(हालाँकि यह मिथ भी हो सकता है ) ।वैसे आप इन मीटर्स को लेकर क्या सोचते हैं या आपका क्या अनुभव है।























