मनरेगा की आड़ में कांग्रेस का घिनौना पाखंड, संजीव शर्मा व यशवीर पटियाल

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:-भारतीय जनता पार्टी बड़सर मंडल के अध्यक्ष संजीव शर्मा एवं वरिष्ठ नेता यशवीर पटियाल ने मीडिया को जारी संयुक्त बयान में कहा कि मनरेगा बचाने के नाम पर कांग्रेस नेताओं द्वारा किया जा रहा शोर-शराबा दरअसल राजनीतिक नौटंकी, दिखावा और जनता को गुमराह करने की सोची-समझी साजिश है।

 

तीन साल की नाकामी छुपाने के लिए बड़सर में गांव-गांव झूठ और भ्रम की राजनीति

 

उन्होंने कहा कि तीन वर्षों की नाकाम कांग्रेस सरकार, खोखले वादे और ज़मीन पर शून्य काम—आज कांग्रेस की यही असली पहचान बन चुकी है। जब जनता विकास, रोजगार और आपदा राहत का हिसाब मांग रही है, तब कांग्रेस नेता गांव-गांव जाकर झूठ और भ्रम की राजनीति कर रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री की नाकामियों को छुपाने के लिए ढोंग?

भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से सीधा सवाल पूछते हुए 

 

क्या कांग्रेस नेता मुख्यमंत्री की नाकामियों, विफल नीतियों और जनविरोधी फैसलों को छुपाने के लिए इस तरह का ढोंग रचकर जनता को गुमराह कर रहे हैं?

उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है, और उसी विफलता से ध्यान हटाने के लिए मनरेगा जैसे विषयों पर झूठा शोर मचाया जा रहा है।

सबसे बड़ा सवाल — पिछले तीन वर्षों में बड़सर को कांग्रेस ने दिया क्या?

मंडल अध्यक्ष संजीव शर्मा ने तीखे शब्दों में सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस नेता बड़सर की जनता को स्पष्ट रूप से बताएं—

बड़सर में कितनी नई सड़कें बनीं?

कितनी पेयजल योजनाएं वास्तव में पूरी हुईं?

कितने युवाओं को स्थायी रोजगार मिला?

आपदा पीड़ितों को समय पर राहत क्यों नहीं मिली?

उन्होंने कहा कि यदि इन सवालों का जवाब कांग्रेस के पास नहीं है, तो मनरेगा के नाम पर धरने, प्रदर्शन और बयानबाज़ी करने का उन्हें कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

स्मार्ट मीटर पर कांग्रेस नेताओं ने क्यों चुप्पी साधी है?

भाजपा नेताओं ने कहा कि पूरे क्षेत्र में स्मार्ट मीटर को लेकर जनता में भारी रोष और असमंजस है, लेकिन कांग्रेस नेता इस गंभीर मुद्दे पर पूरी तरह मौन हैं।

संजीव शर्मा ने सवाल उठाए—

स्मार्ट मीटर किस नीति और किस आधार पर लगाए जा रहे हैं?

आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ क्यों डाला जा रहा है?

बढ़े हुए बिजली बिलों की जिम्मेदारी कौन लेगा?

जनता की सहमति के बिना यह निर्णय क्यों थोपे गए?

उन्होंने कहा कि मनरेगा का हिसाब मांगने वाले कांग्रेस नेता स्मार्ट मीटर जैसे जनहित के मुद्दे पर जवाब देने से क्यों बच रहे हैं, यह जनता भली-भांति समझ रही है।

आपदा पीड़ितों के दर्द पर भी कांग्रेस की राजनीति

वरिष्ठ नेता यशवीर पटियाल ने कहा कि आपदा के समय जिन लोगों के घर, ज़मीन और आजीविका तबाह हो गई, उनसे कांग्रेस नेताओं को सीधे संवाद करना चाहिए। आज भी अनेक प्रभावित परिवार मुआवज़े और राहत के लिए भटक रहे हैं, लेकिन सरकार केवल बयानबाज़ी तक सीमित है।

भाजपा ने किया काम, कांग्रेस कर रही है ड्रामा

भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी सिर्फ नारे नहीं देती, बल्कि योजनाओं को ज़मीन पर उतारती है। केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया

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मनरेगा पर कांग्रेस झूठ फैलाना बंद करे — सच्चाई यह है:

अब 100 नहीं, 125 दिन का गारंटीकृत रोजगार

15 दिनों में काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता अनिवार्य

हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए केंद्र–राज्य अनुपात 90:10

कृषि के चरम मौसम में कार्यों पर रोक, ताकि किसानों को नुकसान न हो

बड़सर की जनता सब जानती है

संजीव शर्मा एवं यशवीर पटियाल ने दो टूक कहा कि बड़सर की जागरूक जनता कांग्रेस के झूठे प्रपंचों में आने वाली नहीं है। अब समय आ गया है कि कांग्रेस नेता—

मुख्यमंत्री की नाकामियों, मनरेगा, स्मार्ट मीटर, आपदा राहत और तीन वर्षों के विकास—हर मुद्दे पर जनता के सामने आकर पूरा हिसाब दें।

 

 

 

 

 

 

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