




हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश की प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने बयान जारी करते हुए कहां कि प्रदेश में निरंतर चरमराती कानून-व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करती है।
बीते दिनों दिल्ली पुलिस द्वारा रोहड़ू में विधिसम्मत कार्रवाई हेतु पहुंचने पर स्थानीय पुलिस द्वारा उन्हें रोका जाना अत्यंत गंभीर प्रशासनिक एवं संवैधानिक प्रश्न खड़े करता है।



एआई समिट में अशोभनीय कृत्य करने वालों पर कठोर कार्रवाई हो, सांस्कृतिक गरिमा से समझौता स्वीकार नहीं:–अभाविप







एक संवैधानिक एजेंसी को कर्तव्य निर्वहन से रोकना न केवल अंतर-राज्यीय समन्वय पर प्रश्नचिह्न है, बल्कि शासन की पारदर्शिता पर भी संदेह उत्पन्न करता है।


कांग्रेस के तथाकथित छात्र संगठन की अराजकता उजागर, शैक्षणिक परिसरों को राजनीति का अखाड़ा न बनाया जाए :– अनिकेत ठाकुर


अभाविप का आरोप है कि जिन लोगों को प्रदेश सरकार ने पहले दिल्ली स्थित हिमाचल भवन में शरण दी और तत्पश्चात रोहड़ू में संरक्षण प्रदान किया, उन्हें बचाने के लिए बीते कल से प्रशासन सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश सरकार ने पुलिस तंत्र को कानून-व्यवस्था सुधारने के बजाय आरोपियों को संरक्षण देने में लगाया। विद्यार्थी परिषद गणेश शब्दों में इसकी गहरी निंदा करती है। यदि यही तत्परता प्रदेश में बढ़ते अपराध, नशा तस्करी और महिला सुरक्षा के लिए दिखाई जाती, तो आज स्थिति इतनी चिंताजनक न होती।

हत्या, लूट और महिला अपराधों की बढ़ती घटनाएँ, प्रशासनिक शिथिलता का प्रमाण :–अभाविप

प्रदेश में हत्या, महिला उत्पीड़न, चोरी एवं संगठित अपराध की घटनाओं में वृद्धि हुई है। सीमावर्ती और शहरी क्षेत्रों में सिंथेटिक ड्रग्स व नशे का फैलाव युवाओं के भविष्य को निगल रहा है। हाल ही में आयोजित एआई समिट के दौरान कांग्रेस के तथाकथित छात्र संगठन द्वारा किया गया अशोभनीय आचरण देवभूमि की सांस्कृतिक गरिमा पर आघात है।
विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हो, नशा तस्करी पर विशेष अभियान चले, महिला सुरक्षा सुनिश्चित हो, प्रशासनिक जवाबदेही तय हो तथा शैक्षणिक परिसरों में अनुशासन के स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं। अन्यथा परिषद लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन प्रारंभ करेगी।



