मध्य-पूर्व संकट के बीच भारत की कूटनीति और ऊर्जा सुरक्षा विश्व के लिए उदाहरण: राकेश ठाकुर

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- भारतीय जनता पार्टी हमीरपुर के जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि वर्तमान में चल रहे इज़राइल-अमेरिका-ईरान युद्ध संकट और मध्य-पूर्व क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच भारत की भू-राजनीतिक कूटनीति ने एक बार फिर अपनी परिपक्वता और मजबूती का परिचय दिया है।

 

 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए ऐसी संतुलित विदेश नीति अपनाई है, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता दोनों सुरक्षित बनी हुई हैं।

 

राकेश ठाकुर ने कहा कि वैश्विक तनाव और समुद्री मार्गों पर संकट के बावजूद भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद बिना किसी हिचकिचाहट के जारी रखी है।

 

 

हाल के आंकड़ों के अनुसार भारत द्वारा रूस से प्रतिदिन लगभग 15 लाख बैरल तक कच्चे तेल का आयात किया जा रहा है। भारत की कुल तेल खपत लगभग 58 लाख बैरल प्रतिदिन है, जिसमें से लगभग 85 से 88 प्रतिशत तेल आयात के माध्यम से आता है।

 

रूस भारत के प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि यह भारत की व्यावहारिक और आत्मविश्वासी विदेश नीति का प्रमाण है कि वैश्विक दबावों के बावजूद देश ने अपने ऊर्जा हितों को प्राथमिकता दी है।

 

उन्होंने कहा कि भारत ने अपने ऊर्जा स्रोतों का विविधीकरण करते हुए रूस के साथ-साथ अन्य देशों से भी तेल और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की है, जिससे वैश्विक संकट के बावजूद देश में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता पर कोई असर नहीं पड़ा है।

 

भारत की रणनीतिक योजना और मजबूत कूटनीतिक संबंधों के कारण देश में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।

 

राकेश ठाकुर ने कहा कि देश में एलपीजी और एलएनजी गैस की आपूर्ति भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी स्पष्ट रूप से आश्वस्त किया है कि देश में गैस की किसी प्रकार की कमी नहीं है।

 

वर्तमान में भारत में 33 करोड़ से अधिक घरेलू एलपीजी कनेक्शन हैं और देश की कुल एलपीजी मांग लगभग 30 से 31 मिलियन टन प्रतिवर्ष है। उन्होंने कहा कि इस संकट के दौरान भारत ने घरेलू उत्पादन को भी बढ़ाया है।

 

 

और देश में एलपीजी का वार्षिक घरेलू उत्पादन लगभग 13 से 14 मिलियन टन तक पहुँच गया है, जो पहले की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है। इसके साथ ही आवश्यकता के अनुसार आयात और भंडारण क्षमता को भी मजबूत किया गया है ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

 

उन्होंने यह भी बताया कि भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से सीधे बातचीत कर भारत की ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की है।

 

 

इस बातचीत के दौरान ईरान की ओर से यह आश्वासन दिया गया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले भारतीय तेल टैंकरों को सुरक्षित मार्ग प्रदान किया जाएगा, जिससे भारत की ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी।

 

राकेश ठाकुर ने कहा कि इन सभी तथ्यों से स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने अपनी दूरदर्शी कूटनीति, मजबूत निर्णय क्षमता और राष्ट्रीय हितों के प्रति अडिग संकल्प के माध्यम से भारत को विश्व गुरु बनने की दिशा में ठोस कदमों के साथ आगे बढ़ाया है।

 

 

उन्होंने कहा कि एक ओर मोदी सरकार वैश्विक संकट के बीच भी देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित कर रही है, वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी और उसके सहयोगी दल संसद के अंदर और बाहर एलपीजी व गैस की कथित कमी को लेकर झूठे प्रचार फैलाकर देश में अनावश्यक भय और भ्रम का माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे देश की जागरूक जनता भली-भांति समझ रही है।

 

 

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