




हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अनुराग सिंह ठाकुर ने 18वीं लोकसभा के बजट सत्र के दौरान देश के वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण के मुद्दे को प्रभावी ढंग से उठाया है।








उन्होंने सदन के भीतर और प्रश्नकाल के माध्यम से देश में वरिष्ठ नागरिकों के लिए कानूनी एवं संस्थागत ढांचे को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।




3 फरवरी 2026 को लोकसभा की कार्यवाही के नियम 377 के तहत विषय उठाते हुए अनुराग सिंह ठाकुर ने वरिष्ठ नागरिकों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार की गंभीर समस्या की ओर सदन का ध्यान आकर्षित किया।


उन्होंने विभिन्न अध्ययनों का हवाला देते हुए बताया कि देश में लगभग 50 प्रतिशत बुजुर्ग भावनात्मक, शारीरिक या आर्थिक शोषण का सामना कर रहे हैं, जिनमें से अधिकांश मामलों में अपराधी उनके अपने परिवार के सदस्य होते हैं। भय और निर्भरता के कारण ऐसे मामलों की रिपोर्टिंग भी बहुत कम होती है।

उन्होंने कहा कि यह स्थिति समाज की मूल संरचना को कमजोर करती है और उन वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान को ठेस पहुंचाती है जिन्होंने राष्ट्र निर्माण में अपना जीवन समर्पित किया है।

उन्होंने चेतावनी दी कि वर्ष 2050 तक देश की कुल आबादी में वरिष्ठ नागरिकों की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है, ऐसे में इस समस्या की अनदेखी सामाजिक संतुलन और आर्थिक उत्पादकता दोनों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक कार्ययोजना और अटल वयोश्री योजना जैसे सरकारी प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 में वर्तमान दंड प्रावधान बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए अपर्याप्त हैं।
उन्होंने इस अधिनियम में संशोधन कर कठोर दंड प्रावधान लागू करने की मांग की, जिसमें दोषियों के लिए सात वर्ष तक के कारावास और भारी जुर्माने का प्रावधान शामिल हो।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि एल्डरलाइन हेल्पलाइन 14567 को स्थानीय पुलिस तंत्र से जोड़ा जाए ताकि त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। साथ ही, देश के प्रत्येक पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
अपने विधायी प्रयास को आगे बढ़ाते हुए अनुराग सिंह ठाकुर ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय से अतारांकित प्रश्न संख्या 2885 के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और स्वस्थ वृद्धावस्था से संबंधित योजनाओं का विस्तृत विवरण मांगा।
इसमें एकीकृत वरिष्ठ नागरिक कार्यक्रम, राष्ट्रीय वयोश्री योजना और अटल वयो अभ्युदय योजना जैसी प्रमुख योजनाएं शामिल हैं।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश में पिछले तीन वर्षों में इन योजनाओं के तहत जिला-वार उपलब्धियों, जेरियाट्रिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम के अंतर्गत इकाइयों, ओपीडी, डे-केयर केंद्रों और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर भी जानकारी मांगी।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह भी प्रश्न किया कि क्या सरकार जेरियाट्रिक देखभाल, जेरोन्टोलॉजी और वृद्धजन नर्सिंग को विशेष शिक्षा या पेशेवर क्षेत्र के रूप में मान्यता देने पर विचार कर रही है।
सरकार की ओर से दिए गए उत्तर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत विभिन्न घटकों की जानकारी दी।
पीएम-एस्पेशल कार्यक्रम के तहत अब तक 35,480 जेरियाट्रिक केयरगिवर्स को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसके अलावा अक्टूबर 2024 में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का विस्तार कर 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया गया है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का कल्याण केवल एक सामाजिक योजना नहीं बल्कि नैतिक दायित्व और राष्ट्रीय प्राथमिकता है।
उनके इस द्विपक्षीय विधायी प्रयास से यह स्पष्ट होता है कि वे वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।



