




शिमला/विवेकानंद वशिष्ठ :- आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में प्रदेश सरकार और प्रशासन की छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ एक विशाल धरना प्रदर्शन किया गया।
यह प्रदर्शन मुख्य रूप से शिक्षा के बढ़ते बाजारीकरण (फीस वृद्धि) और PGT पदों पर की जा रही अस्थाई भर्तियों के विरोध में आयोजित किया गया।



इकाई मंत्री ने बयान जारी करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार एक ओर युवाओं को रोजगार देने के वादे करती है, वहीं दूसरी ओर PGT जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अस्थाई भर्तियां कर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। ABVP मांग करती है कि ये नियुक्तियां नियमित आधार पर की जाएं ताकि शिक्षा की गुणवत्ता और युवाओं का सम्मान बना रहे।





इसके साथ ही, विश्वविद्यालय में की गई भारी फीस वृद्धि पर कड़ा ऐतराज जताते हुए विद्यार्थी परिषद ने इसे आम छात्रों की पहुंच से शिक्षा को दूर करने की साजिश बताया। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि बढ़ी हुई फीस को तुरंत वापस नहीं लिया गया और अस्थाई भर्ती प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।


मुख्य मांगे –
1. विश्वविद्यालय में की गई फीस वृद्धि को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
2. PGT के पदों पर की जा रही ‘अस्थाई भर्ती’ (Temporary Recruitment) को रद्द कर नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।
3. छात्र हितों की अनदेखी करने वाले प्रशासनिक रवैये में सुधार लाया जाए।


आज के इस धरने में भारी संख्या में छात्रों ने भाग लिया और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की।








