



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष की विचार यात्रा के उपलक्ष्य में हमीरपुर जिला के पूर्व सैन्य अधिकारियों की एक संगोष्ठी आयोजित की गई। इस संगोष्ठी में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह सरकार्यवाह डॉक्टर कृष्ण गोपाल रहे।


कार्यक्रम की अध्यक्षता हमीरपुर जिला के संघ चालक किशोर शर्मा ने की। कार्यक्रम में हमीरपुर जिला के विभिन्न भागों से डेढ़ सौ से अधिक संख्या में कप्तान और उससे ऊपर के रैंक के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने भाग लिया।



सीमावर्ती गांव से पलायन रोकने के लिए संघ कृत संकल्प आदर्श, अनुशासित व देशभक्त समाज बनाने में जुटा संघ







इस अवसर पर अपना वक्तव्य रखते हुए डॉक्टर कृष्ण गोपाल ने कहा कि जिस प्रकार देश की बाह्य सीमाओं पर सेना की मौजूदगी देशवासियों को सुरक्षा प्रदान करती है, उसी प्रकार देश के भीतर अनुशासित राष्ट्रभक्ति नागरिकों की संरचना करने में संघ जुटा हुआ है।


उन्होंने कहा कि वर्तमान की भारत सेना विगत 2000 वर्ष की सर्वश्रेष्ठ सैन्य बलों में से है। विगत दो हज़ार वर्षो में भारतवर्ष ने कई प्रकार के आक्रमणों का सामना किया और उसे कालखंड के राजाओं के एकजुट ना होने के कारण समय-समय पर देश की परिस्थितियों बदलती रही।



1971 के युद्ध के पश्चात जिसमें रिकॉर्ड 93000 पाकिस्तानियों ने भारतीय सेवा के आगे घुटने टेके थे, उसके अगले 55 वर्षों में भारतीय सेवा विश्व की सबसे मजबूत सेना के रूप में उभरी है।


सैन्य उपकरणों के निर्माण से लेकर विश्व के विभिन्न मोर्चो पर भारतीय सेना द्वारा अपना लोहा मनवाया गया । आज भारतीय सेना बंदूक की गोली से लेकर मारक अस्त्रों तक और छोटे हवाई जहाज से लेकर मानव रहित संचालित हवाई जहाज निर्माण में अग्रणी भूमिका में आ गई है। उनका कहना था कि महिलाओं के प्रतिनिधित्व से संपूर्ण भारतवर्ष के निवासियों का मनोबल बड़ा है।
सैन्य अधिकारियों को संबोधित करते हुए डॉक्टर कृष्ण गोपाल ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पिछले 100 वर्षों की यात्रा भी कुछ इससे मिलते-जुलते कार्य के अनुरूप ही रही है, जहां सेना सीमा संभालती है और सीमा सुरक्षित होती है संघ भी देश के भीतर संगठित करने में जुटा हुआ है। संघ 1925 से देश में अनुशासित देशभक्त युवाओं के जागरण में लगा हुआ है।
उन्होंने कहा कि 144 करोड़ देशवासियों को देश के सम्मान में एकजुट होकर कार्य करना चाहिए, अपवाद के समय भले ही भारत के नागरिक इकट्ठे होते हैं यह बेहतर है परंतु यह स्थिति हर समय बनी रहनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि संघ की पूरे भारतवर्ष में 90000 से अधिक शाखाएं अपने-अपने क्षेत्र में 100 से लेकर 500 परिवारों को देशभक्त अनुशासित बनाए रखने में नित्य प्रतिदिन लगी हुई है।

संघ राष्ट्र भक्ति का अप्लाइड पार्ट क्रियान्वन करने में जुटा हुआ है, जिसमें कृषक, मजदूर, अध्यापक दुकानदार, डॉक्टर, इंजीनियर व समाज के हर वर्ग के नागरिकों को संपर्क करके उन्हें एक दिशा पर चलने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। हर क्षेत्र में होने वाला कार्य जो है वह आदर्श कार्य होना चाहिए।
संघ भारतीय सीमाओं के आसपास के गांव में पलायन रोकने के लिए वहां रोजगार के साधनों के सृजन में जुटा हुआ है। संघ के अनुषांगिक संगठन भी अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं, जहां विद्या भारती 13000 से अधिक विद्यालय चल रही है।
जिनमें राष्ट्रभक्ति का पाठ पढ़ाया जाता है वहीं भारतीय मजदूर संघ जैसे संगठन जिनकी सदस्यता ही एक करोड़ से अधिक का आंकड़ा छू चुकी है व्यावसायिक क्षेत्र में राष्ट्र अनुरूप कार्य करने में जुटी हुई है।
संघ राष्ट्रीय चरित्र निर्माण करने में प्रयासरत है। संपूर्ण भारतवर्ष आज विश्व में हर मोर्चे पर उन्नति कर रहा है और संघ ने भी अपने शताब्दी वर्ष में संपूर्ण भारतीय समाज से पंच परिवर्तन के माध्यम से जीवन निर्माण करने की पद्धति धारण करने का आग्रह किया है।
इस अवसर पर डॉ कृष्ण गोपाल ने आए हुए वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के विभिन्न प्रश्नों का भी उत्तर दिया। इस अवसर पर क्षेत्र प्रचारक प्रमुख बनवीर राणा, क्षेत्र सह व्यवस्था प्रमुख राजेंद्र शर्मा, प्रांत कार्यवाह डॉक्टर चंद्रप्रकाश सहित समाज के कई प्रबुद्ध व्यक्ति उपस्थित रहे।

















