




हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- सीटू जिला कमेटी की विस्तारित बैठक 12 अप्रैल को ज्योति बसु भवन हमीरपुर में की जाएगी। बैठक में देश में होने जा लोकसभा चुनावों व प्रदेश में उप चुनावों के बारे में भी चर्चा करके रणनीति बनाई जाएगी।








उल्लेखनीय है कि देश इस समय सबसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक राजनीतिक प्रक्रिया से गुजर रहा है और ऐसे समय में भी मोदी सरकार पूरी तरह से तानाशाही पर उतर आई है देश की विपक्षी पार्टियों के नेताओं को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों को इस काम में लगाया गया है




झूठे आरोप लगा करके देश के दो चुने हुए मुख्यमंत्रियों को सलाखों के पीछे डाल दिया गया है ताकि वो और उनकी पार्टियां चुनाव ही ना लड़ पाएं । सैकड़ो उन लोगों को जो भी जनता के मुद्दों के लिए मोदी सरकार के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं को भी जेलों में बंद किया गया है और किया जा रहा है।


विपक्षी राजनीतिक पार्टियों के बैंक खातों को फ्रीज किया जा रहा है राजनीतिक पार्टियों के दफ्तरों को बंद किया जा रहा है। देश में भाजपा धनबल के सहारे बड़े पैमाने पर राजनीतिक पार्टियों में तोड़फोड़ करने के कार्य में पूरी शिद्दत के साथ लगी है ।

धन का दुरुपयोग बहुत ही बड़े पैमाने पर किया जा रहा है और नेताओं को खरीदने में इस इस्तेमाल किया जा रहा है जो कि देश के लोकतांत्रिक प्रणाली के लिए बेहद ही खतरनाक है। मोदी सरकार ने देश के तमाम सार्वजनिक व प्राकृतिक संसाधनों को चार-पांच मित्र पूंजीपतियों के हवाले करने के ही काम में इस तरह की अनैतिक कार्रवाइयों को अंजाम दिया जा रहा है।

मोदी सरकार दोबारा से सत्ता में वापसी के लिए बदहवासी से काम कर रही है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इलेक्ट्रोल बांड का भंडा फोड़ किये जाने के वाद से अब पूरी तरह से साफ हो गया है कि मोदी सरकार केंद्रीय जांच एजेसियों का इस्तेमाल न केवल राजनीतिक पार्टियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों व आवाज उठाने वालों के खिलाफ इस्तेमाल कर रही बल्कि कंपनियों से चंदा इकट्ठा करने के लिए भी किया जा रहा है ।
एक हाथ से ठेका लो और एक हाथ से चंदा दो का कार्यक्रम देशभर में चलाया जा रहा है। जिसका असर जनता पर दिख रहा है कंपनियां मन माफिक अपने उत्पादों का दाम तय कर रहे हैं और इसके चलते महंगाई चरम पर है और लोगों को लूटा जा रहा है इन्हीं कंपनियों के मुनाफे को बरकरार रखने के लिए मोदी सरकार ने सारे श्रम कानून को खत्म कर कर नए लेबर कोर्ट बनाए हैं
जो मजदूरों को गुलामी के रास्ते पर धकेलने के लिए काम करते हैं। इसलिए सीटू जिला कमेटी 12 अप्रैल को एक विस्तारित बैठक कर मोदी सरकार की इस लोकतंत्र विरोधी लुटेरी तानाशाही के खिलाफ आने वाले लोकसभा चुनाव और उपचुनावों के लिए रणनीति बनाई जाएगी।



