एस.एफ.आई ने आरएसएस प्रचारक की प्रोफेसर पद पर हुई भर्ती की कड़े शब्दों में की निंदा

शिमला/विवेकानंद वशिष्ठ :-   एसएफआई राज्य कमेटी ने प्रेस बयान जारी करते हुए हिमाचल प्रदेश के केंद्रीय विश्वविद्यालय में आरएसएस प्रचारक की प्रोफेसर पद पर हुई भर्ती की कड़े शब्दों में निंदा की है। गौरतलब है की हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय योजना के तहत एक आरएसएस प्रचारक को “वैदिक गणित के प्रोफेसर” के रूप में नियुक्त किया गया है।

 

NEP के अंतर्गत शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास पाठ्यक्रम में सरकार के स्व – नियुक्त सलाहकार ने सिफारिशों को लागू करते हुए कहा कि स्कूल और उच्च शिक्षण संस्थानो में भी वैदिक गणित पढ़ाया जाना चाहिए। इस राष्टीय योजना के तहत आरएसएस प्रचारक की नियुक्ति प्रोफेसर पद पर की गई है।

 

एसएफआई का आरोप है कि केंद्र सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति के नाम पर केंद्रीय विश्वविद्यालय व राज्य विश्वविद्यालय जैसी स्वायत्तता संस्थाओं की भगवाकरण करने की मुहिम चलाई जा रही है जिसके तहत आरएसएस व उससे जुड़े विचारधारा के लोगो को तमाम योग्यताओं व नियमों को दरकिनार कर विश्विद्यालयों में अलग अलग पदो पर भरा जा रहा है।

 

एसएफआई राज्य सचिव दिनित देंटा ने कहा कि प्रदेश में शैक्षणिक भ्रष्टाचार का ये पहला मामला नहीं है इससे पहले हिमाचल प्रदेश विश्विद्यालय शिमला में हुई प्रोफेसरो भर्तियां में भी बेहताशा भ्रष्टचार देखने को मिला तमाम योग्यता और नियमों को ताक पर रख कर प्रदेश की पूर्व भाजपा सरकार ने आरएसएस से संबंधित लोगों को नियुक्त किया गया। साथ साथ नॉन टीचिंग स्टाफ में भी अपने चहेतों को भरने का काम भाजपा द्वारा किया गया।

 

एसएफआई का मानना है की भाजपा द्वारा शिक्षा क्षेत्र में हो रहे इसी भ्रष्टचार व भगवाकरण के चलते शिक्षा का स्तर लगातर गिर रहा है। इसी के चलते योग्य शिक्षित युवा जो पुस्तकालयों में दिन-रात तैयारी कर रहे हैं और विज्ञापन के लिए लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे हैं उन्हें रोजगार नहीं मिल पा रहा है यह गंभीर चिंता का विषय है ।
एसएफआई आरएसएस प्रचारक भर्ती को वापस लेने की पुरजोर मांग करती है ये भर्ती प्रक्रिया के खिलाफ व युवाओं के समान अवसर के मौलिक अधिकार का हनन है, इसे रद्द किया जाना चाहिए।
एसएफआई प्रदेश की सरकार से यह मांग करती है कि वो भी इस तरह की भ्रष्ट नियुक्ति पर अपनी चुप्पी तोड़े भगवाकरण व भर्तियों में धांधलियों पर आवाज उठाए। एसएफआई शिक्षा के भगवाकरण व नई शिक्षा नीति के खिलाफ देश भर में आंदोलनरत है व आने वाले समय में प्रदेश की जनता व छात्र समुदाय को लामबंद करते हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन तैयार करेगी व साथ साथ कानूनी कार्रवाई के लिए न्यायलय का रुख भी करेंगी।

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